कांग्रेस के फैसले से कोई हैरानी नहीं हुई : टीआर बालू

  • कांग्रेस पर जमकर बरसी डीएमके

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में डीएमके को करारी हार का सामना करना पड़ा है। उधर टीवीके और कांग्रेस गठबंधन को हरी झंडी मिल गई है। इस गठबंधन को लेकर कांग्रेस की पुरानी साथी डीएमके खुलकर कांग्रेस की आलोचना कर रही है। डीएमके नेता टीआर बालू ने कहा है कि कांग्रेस ने उनके चरित्र का एक ऐसा पहलू उजागर कर दिया है, जो कुछ समय से छिपा हुआ था। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस पार्टी को किसी गंभीर स्थिति या संकट का सामना करना पड़ा, तो डीएमके एक अच्छे साथी के रूप में उनके साथ खड़ी रही, इस निष्ठा की हमें भारी कीमत चुकानी पड़ी है, फिर भी हमने इसे मुस्कुराते हुए सहन किया।
टीआर बालू ने कहा कि डीएमके ने सोनिया और मनमोहन सिंह का हमेशा साथ दिया,जबकि राहुल के साथ भी हमारी पार्टी के हमेशा अच्छे संबंध रहे, उन्होंने कई बार कहा है कि स्टालिन इकलौते ऐसे नेता हैं जिन्हें मैं भाई कहकर संबोधित करता हूं, आज जब मैंने यह खबर देखी कि कांग्रेस पार्टी ने इन संबंधों को खत्म करने का ऐलान किया है तो मुझे कोई सदमा या हैरानी नहीं हुई। टीआर बालू ने आगे कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में हमारे साथ मिलकर चुनाव लड़ा और पांच सीटें जीतीं. इसके बाद अब विश्वासघात करते हुए कांग्रेस ने विरोधी खेमे में पाला बदल लिया है। प्रभावी रूप से उन सीटों को बंधक बना लिया है। कांग्रेस पार्टी इस कदम को एक महान राजनीतिक रणनीति के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है और इसे वैचारिक सिद्धांतों का जामा पहनाकर सही ठहराने का प्रयास कर रही है। अवसरवाद को विचारधारा के मुखौटे से छिपाने का यह कुटिल प्रयास अपनी पूरी खोखली सच्चाई के साथ बेनकाब हो गया है. यह उन लोगों के साथ किया गया घोर विश्वासघात है, जिन्होंने इस विश्वास के साथ अपने वोट डाले थे कि डीएमके के नेतृत्व वाली सरकार बनेगी।

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