ढाई साल की लड़ाई खत्म… PCS अधिकारी ज्योति मौर्या और आलोक मौर्या फिर साथ!

यूपी की चर्चित पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक मौर्या के बीच करीब ढाई साल से चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। दोनों ने फिर से साथ रहने का फैसला किया है। ज्योति मौर्या को प्रमोशन के बाद नोएडा में पोस्टिंग मिली है।

4 पीएम न्यूज नेटवर्कः कभी सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक जिस पारिवारिक विवाद की खूब चर्चा हुई थी, अब वह कहानी एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश की चर्चित पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक मौर्या के बीच करीब ढाई साल से चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है।

लंबे समय तक आरोप-प्रत्यारोप, शिकायतों और जांच के दौर से गुजरने के बाद अब दोनों ने एक बार फिर साथ रहने का फैसला किया है। इस नई शुरुआत के साथ उनकी जिंदगी फिर से सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अब साथ रह रहे हैं दोनों

ताजा जानकारी के अनुसार, ज्योति मौर्या को हाल ही में प्रमोशन मिला है और उनकी नई पोस्टिंग नोएडा में हुई है। वहीं आलोक मौर्या भी उनके साथ रह रहे हैं और अपने करियर को नए सिरे से बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि आलोक मौर्या इन दिनों कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने यूपी पीसीएस परीक्षा भी दी थी और इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन सूची में उनका नाम नहीं आ पाया।

कैसे शुरू हुआ था विवाद

इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2010 में हुई थी, जब ज्योति मौर्या और आलोक मौर्या की शादी हुई। शुरुआती कुछ सालों तक सब कुछ सामान्य रहा। लेकिन 2015 में ज्योति मौर्या का चयन पीसीएस में हुआ और उन्होंने एसडीएम के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद दोनों के रिश्तों में दूरी बढ़ने लगी। ज्योति मौर्या प्रशासनिक सेवा में आगे बढ़ती चली गईं, जबकि आलोक मौर्या पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में काम करते रहे।

आलोक मौर्या का कहना था कि उन्होंने अपनी पत्नी की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में काफी मदद की थी, लेकिन सफलता मिलने के बाद उन्हें नजरअंदाज किया जाने लगा। वहीं दूसरी ओर ज्योति मौर्या और उनके परिवार की ओर से भी अलग-अलग आरोप सामने आए।

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आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा विवाद

समय के साथ यह मामला निजी दायरे से निकलकर सार्वजनिक बहस का विषय बन गया।

आलोक मौर्या ने अपनी पत्नी पर भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए और शासन से इसकी जांच की मांग की। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज्योति मौर्या का एक अन्य अधिकारी से संबंध है। इन आरोपों के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू हुई और तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई। समिति ने दोनों पक्षों से साक्ष्य मांगे।

हालांकि, जांच के दौरान अचानक मामला बदल गया। आलोक मौर्या ने अपनी शिकायत वापस ले ली। इसके बाद जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में मामले को समाप्त मानते हुए प्रक्रिया खत्म कर दी।

सोशल मीडिया पर खूब हुआ था ट्रेंड

यह विवाद सिर्फ प्रशासनिक जांच तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया पर भी यह मामला लगातार चर्चा में रहा। कभी लोग ज्योति मौर्या के समर्थन में खड़े दिखाई दिए, तो कभी आलोक मौर्या के पक्ष में आवाज उठी।

इस पूरे विवाद ने समाज में कई सवाल खड़े किए-

  • क्या सफलता के बाद रिश्तों में बदलाव आ जाता है?
  • क्या पति-पत्नी के बीच संतुलन बनाना मुश्किल होता जा रहा है?

इसी दौरान आलोक मौर्या ने पुरुषों के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुरुष आयोग के गठन की मांग भी की थी।

अफवाहें भी हुईं वायरल

कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर आलोक मौर्या की कुछ तस्वीरें वायरल हुई थीं, जिनमें वह लोक सेवा आयोग के दफ्तर के पास नजर आए थे। इसके बाद यह अफवाह फैल गई कि उनका चयन एसडीएम पद के लिए हो गया है। हालांकि बाद में साफ हुआ कि वह वहां अपने एक दोस्त को बधाई देने गए थे, जिसका चयन हुआ था।

आखिर क्यों बदला रुख

करीब ढाई साल तक चले विवाद के बाद दोनों का एक साथ आना कई लोगों के लिए हैरानी की बात है। सूत्रों के मुताबिक, परिवार और करीबी लोगों की पहल के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे मतभेद कम होते गए और आखिरकार उन्होंने फिर से साथ रहने का फैसला किया।

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