यूपी विधानमंडल का सत्र शुरू, विपक्ष ने किए सरकार पर प्रहार

सपा नेताओं का महिला आरक्षण लागू करने को लेकर प्रदर्शन

  • सरकार महिला आरक्षण लागू नहीं करना चाहती : माता प्रसाद पांडेय
  • वेल में आकर पक्ष-विपक्ष ने एक दूसरे के खिलाफ की नारेबाजी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र महिला आरक्षण बिल को लेकर हंगामे के साथ शुरू हुआ। सपा ने भाजपा पर बिल लागू न करने और महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाकर विधान भवन की वेल में आकर भाजपा सरकार को घेरा। वहीं सदन शुरू होते ही सपा के नेताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र गुरुवार को 11 बजे हंगामे के साथ शुरू हुआ। विधानमंडल के विशेष सत्र के शुभारंभ होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग आमने-सामने आ गए और महिला आरक्षण बिल को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
विधानसभा के बाहर भी सपा के नेताओं ने महिला आरक्षण बिल के संबंध में लिखी तख्तियां हाथों में लेकर नरेबाजी और हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, हम इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि सरकार महिला आरक्षण लागू नहीं करना चाहती जबकि विधेयक पहले ही पारित हो चुका है। समाजवादी पार्टी व कांग्रेस द्वारा लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने देने के विरोध में आज यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। विशेष सत्र के दौरान भाजपा निंदा प्रस्ताव लेकर आएगी। विशेष सत्र के पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित किया। विधानमंडल के विशेष सत्र के शुभारंभ होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग आमने-सामने आ गए और वेल में आकर एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने भाजपा विधायकों को शांत करवाया।

अखिलेश बोले- भाजपा की मानसिकता महिला विरोधी

उधर, अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा, भाजपा के लोग महिला मुद्दों को प्राथमिकता मानने का दावा करते हैं, लेकिन सच तो यह है कि उनकी मानसिकता महिला विरोधी है। वहीं विशेष सत्र में शामिल होने के लिए पहुंचे सपा विधायकों ने पीएम मोदी की तस्वीर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक लागू किया जाए। सदन के विशेष सत्र में शमिल होने के लिए पहुंचे सपा विधायकों ने महिला आरक्षण को लागू करने की मांग की और सदन की गैलरी में तख्ती लेकर पहुंचे।

महिला आरक्षण पर भाजपा विधायकों ने किया पैदल मार्च

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भाजपा की महिला विधायकों ने पैदल मार्च किया और विपक्षी दलों के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा की महिलाओं ने भी महिला आरक्षण की मांग करते हुए सदन में नारेबाजी की। भाजपा विधायक भी तख्ती लेकर सदन में पहुंची हुई थीं।

कांग्रेस की दुर्गति का कारण महिलाओं का श्राप : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस की दुर्गति का कारण महिलाओं का श्राप है। अब सपा भी उसी ओर अग्रसर है। शाहबानो के मामले में सबने देखा। सपा-कांग्रेस का आचरण मौलवियों के सामने घुटने टेककर नाक रगडऩे की प्रवृत्ति है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्टार्ट अप योजना शुरू की गई जिसमें महिलाओं की बड़ी भागीदारी है। लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन देने में सहायता की गई। कहा कि जब इन लोगों को लगा कि यूपीए से काम नहीं चलेगा तो इंडी गठबंधन बनाया। सपा-कांग्रेस ने हमेशा ही महिलाओं के स्वावलंबन का विरोध किया और इसमें बाधा बने। इन लोगों का चेहरा बोलने का कुछ और दिखाने का कुछ और है लेकिन पूरा देश और प्रदेश आप लोगों के कारनामों को जानता है। सपा के लोगों का आचरण स्टेट गेस्ट हाउस कांड के दौरान सभी ने देखा तब भाजपा के लोग आगे बढ़े कि एक दलित की बेटी को सम्मान मिले।

मप्र के धार में दर्दनाक सडक़ हादसा, 16 लोगों की मौत

  • ठूंस-ठूंसकर श्रमिकों को पिकअप में बैठाया गया था 15 घायलों का उपचार जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
भोपाल। मध्य प्रदेश के धार में 5० मजदूरों से भरे पिकअप वाहन की स्कॉर्पियो से हुई टक्कर ने 16 जिंदगियां छीन लीं। 1० लोग अभी-भी अति गंभीर रूप से घायल हैं। इंदौर में उनका उपचार चल रहा है। हादसा चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास देर रात हुआ। मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक मजदूर सवार बताए जा रहे हैं। वाहन पलटने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई थी। गुरुवार सुबह मिले अपडेट के मुताबिक मृतकों का आंकड़ा 16 हो गया है, जबकि 15 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 1० अति गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है।
यह पिकअप वाहन धार से अमझेरा की ओर जा रहा था। तभी ओवरलोड पिकअप वाहन असंतुलित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गया, फिर सामने से आ रही स्कॉर्पियो से जा भिड़ा। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई श्रमिक वाहन के नीचे दब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने घायलों को निकाला। हालात कैसे थे, इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जब इतनी बड़ी संख्या में घायलों को जिला अस्पताल एक साथ पहुंचाया गया, तो वहां जगह कम पड़ गई। घायलों को जमीन पर लिटाकर इलाज करना पड़ा। हालांकि, घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए सभी घायलों का समुचित इलाज शुरू किया। रात में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर सहित इंदौर संभागायुक्त सुदामा खाड़े एवं इंदौर रेंज के महानिरीक्षक अनुराग भी पहुंचे।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चलती कार में लगी आग, 5 लोग जिंदा जले

जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार देर रात चलती कार में अचानक आग लगने से पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से झुलस गया। डीएसपी कैलाश जिंदल के अनुसार हादसा रात करीब 1 बजे मौजपुर के पास पिलर नंबर 115/3०० पर हुआ। कार दिल्ली से कोटा की ओर जा रही थी, तभी उसमें आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरी कार आग का गोला बन गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कार में मध्यप्रदेश के श्योपुर निवासी तीन महिलाएं, एक बच्ची और एक पुरुष सवार थे, जिनकी मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं चालक विनोद कुमार मेहर किसी तरह कार से कूदकर बाहर निकल गया लेकिन वह करीब 8० प्रतिशत झुलस गया। सूचना मिलने पर एनएचएआई पेट्रोलिंग टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस का जाप्ता और एसएचओ नेकीराम भी घटनास्थल पर पहुंचे और दमकल को बुलाया गया।

ईरान ने दी अमेरिका को कड़ी चेतावनी

  • ट्रंप नाकेबंदी हटाएं, नहीं तो ऐसे हथियार से सामना कराएंगे की हार्ट अटैक आ जाएगा : एडमिरल शहराम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान ने बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि वह जल्द ही ऐसा नया हथियार इस्तेमाल करेगा, जिससे दुश्मन देश डरते हैं और उन्हें दिल का दौरा तक पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के बदले अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की बात कही गई थी।
ईरान की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहराम ईरानी ने सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक बहुत जल्द दुश्मन ताकतों का सामना ऐसे हथियार से कराएगा, जिससे वे बेहद डरते हैं, उन्होंने कहा, यह हथियार उनके बेहद करीब है। उम्मीद है उन्हें दिल का दौरा नहीं पड़ेगा। ईरानी कमांडर ने ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति पर भी निशाना साधा, जिसमें आर्थिक दबाव बनाकर ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि दुश्मनों ने सोचा था कि वे कम समय में अपने मकसद में कामयाब हो जाएंगे, लेकिन अब यह सोच सैन्य अकादमियों में मजाक बन गई है।

अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर 100 से अधिक जवाबी हमले

ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर 1०० से अधिक जवाबी हमले किए हैं। इसके अलावा ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद कर दिया है। अब जहाजों को गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों से अनुमति लेनी पड़ रही है. ईरान का दावा है कि यह कदम अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में उठाया गया. ईरान ने अमेरिकी बलों पर अपने जहाजों को जब्त करने और चालक दल को बंधक बनाने का आरोप लगाया है. कमांडर ने इसे समुद्री डकैती और बंधक बनाना करार देते हुए कहा कि अमेरिकी कार्रवाई सोमाली लुटेरों से भी बदतर है।

निर्माणधीन भवन की मिट्टी के धसने से एक मजदूर की मौत, एक घायल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान चौराहा निकट एनटीपीसी भवन के पास निर्माणाधीन भवन के मिटटी के नीचे दो मजदूर दब गए। मौके पर अग्निशमन विभाग लखनऊ द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी किया गया। दमकल कर्मियों द्वारा रेस्क्यू कर दोनो को बाहर निकाला गया।
दोनों को हॉस्पिटल भेजा गया जहां डॉक्टरों द्वारा एक मजदूर को मृत घोषित किया गया। एक मजदूर जो मामूली रूप से घायल है उसका इलाज जारी है। मृतक मजदूर की शिनाख्त लक्ष्मी शंकर जो की बाराबंकी का रहने वाला था हुई है । बॉडी को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया पुलिस द्वारा आगे की जांच जारी है।

बेंगलुरु में भारी बारिश का कहर! 8 की मौत

  • सडक़ें बनीं नदियां, जारी किया गया अलर्ट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बेंगलुरु। बेंगलुरु में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने शहर में भारी तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण दीवार गिरने और करंट लगने जैसी घटनाओं में अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। भारी बारिश के चलते विधान सौध जैसी महत्वपूर्ण इमारतों और रिहायशी इलाकों में कमर तक पानी भर गया, जबकि दर्जनों स्थानों पर पेड़ उखडऩे से यातायात और बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर शहर के बुनियादी ढांचे और ड्रेनेज सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। अस्पताल परिसर के पास बनी एक बगल की इमारत की कंपाउंड वॉल (दीवार) ढह गई और सडक़ किनारे खड़े उन विक्रेताओं और पैदल चलने वालों पर गिर गई, जिन्होंने बारिश से बचने के लिए वहां शरण ली थी। बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया, जबकि अधिकारियों ने मलबा हटाने और दीवार गिरने के कारणों का पता लगाने का काम शुरू कर दिया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल का दौरा किया और इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

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