मिर्जापुर बीजेपी में ‘परिवारवाद’ का आरोप! विधायक ने पत्नी को दिलाया पद, महिला कार्यकर्ताओं में नाराज़गी

मिर्जापुर में बीजेपी जिला कार्यसमिति की नई लिस्ट पर विवाद खड़ा हो गया है। विधायक रमाशंकर सिंह पटेल पर अपनी पत्नी को सदस्य बनवाने का आरोप है, जिससे महिला कार्यकर्ताओं में नाराज़गी बढ़ गई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः मिर्जापुर में बीजेपी की नई जिला कार्यसमिति की लिस्ट सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी के अंदर ही असंतोष की आवाजें उठने लगी हैं। आरोप है कि एक विधायक ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अपनी पत्नी को जिला कार्यसमिति में सदस्य बनवा दिया, जिससे कई पुराने और सक्रिय महिला कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और पार्टी की अंदरूनी राजनीति पर सवाल खड़े कर रहा है।

विधायक पर ‘परिवारवाद’ का आरोप

मड़िहान से बीजेपी विधायक रमाशंकर सिंह पटेल पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी सीता सिंह को जिला कार्यसमिति में सदस्य बनवाया है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यह कदम आने वाले चुनाव और संभावित महिला आरक्षण को ध्यान में रखकर उठाया गया है, ताकि भविष्य में टिकट मिलने की स्थिति बनाई जा सके।

महिला कार्यकर्ताओं में नाराज़गी

इस फैसले के बाद पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो महिलाएं सालों से पार्टी के लिए काम कर रही हैं, उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। कुछ कार्यकर्ताओं ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि  “हम लोग केवल कार्यक्रमों में दरी बिछाने और झंडा ढोने तक सीमित रह गए हैं, जबकि जो कभी मैदान में नजर नहीं आए, उन्हें पद दिया जा रहा है।”

वायरल हुई लिस्ट, बढ़ी सियासी हलचल

जिला कार्यसमिति की यह लिस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लिस्ट में कुछ ऐसे नाम भी बताए जा रहे हैं, जिन पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज होने के आरोप हैं। इससे पार्टी की छवि को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

2027 चुनाव पर पड़ सकता है असर?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर इसी तरह का असंतोष बना रहा, तो इसका असर आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है। पार्टी के अंदर नाराज़गी बढ़ने से संगठन कमजोर हो सकता है।

पार्टी के लिए चुनौती

यह मामला बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। एक तरफ विपक्ष पहले से ही परिवारवाद को मुद्दा बनाता रहा है, वहीं अब पार्टी के अंदर से ही इस तरह के आरोप सामने आना संगठन के लिए चिंता का विषय है।

मिर्जापुर में जिला कार्यसमिति को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पार्टी इस असंतोष को कैसे संभालती है और क्या इस फैसले पर कोई पुनर्विचार होता है या नहीं।

रिपोर्ट- संतोष देव गिरी

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