मोदी सरकार के खोखले दावों के 12 साल: खरगे

  • कांग्रेस का एनडीए सरकार पर बड़ा हमला
  • एनसीआरबी के आंकड़े पर कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाए सवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसके बारह वर्षों के शासन ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के संबंध में किए गए दावों की खोखली सच्चाई उजागर कर दी है। राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए खर्गे ने दावा किया कि 013 से कमजोर वर्गों के खिलाफ अत्याचारों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, 13 से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 42.6प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
बच्चों के खिलाफ अपराधों में 2०4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दलितों के खिलाफ अत्याचारों में 41.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आदिवासियों के खिलाफ अपराधों में 46.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। साइबर अपराध में 1,689 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। और 24 में 1०,546 किसानों, 52,931 दिहाड़ी मजदूरों और 14,488 छात्रों ने आत्महत्या की है।

कांग्रेस ऑब्जर्वर का फाइल हो रहा वायरल

इस बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग (एनसीआरबी) की 24 की आधिकारिक रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, 24 में कानून से संघर्ष कर रहे किशोरों से जुड़े मामलों और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 24 में किशोरों के खिलाफ कुल 34,878 मामले दर्ज किए गए, जो 23 में दर्ज किए गए 31,365 मामलों की तुलना में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं। अपराध दर भी 2023 में 7.1 से बढक़र 2024 में 7.9 हो गई। इस वर्ष के दौरान, इन मामलों के संबंध में 42,633 किशोरों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 34,648 किशोर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराधों में शामिल थे, जबकि 7,985 विशेष और स्थानीय कानूनों (एसएलएल) से जुड़े थे।

आंकड़े बयां कर रहे सच्चाई

आंकड़ों से यह भी पता चला कि गिरफ्तार किए गए किशोरों में से अधिकांश, 77.7 प्रतिशत, 16 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के थे, जो आपराधिक गतिविधियों में बड़े किशोरों की अधिक संलिप्तता को दर्शाता है। वहीं दूसरी ओर, वरिष्ठ नागरिकों (6० वर्ष से अधिक आयु) के विरुद्ध अपराधों में 24 में 16.9 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि देखी गई, जहां 23 के 27,886 मामलों की तुलना में 32,6०2 मामले दर्ज किए गए। विभिन्न प्रकार के अपराधों में, चोरी के मामले सबसे अधिक 4,786 (14.7 प्रतिशत) थे, इसके बाद जालसाजी, धोखाधड़ी और जालसाजी (4,451 मामले, 13.7 प्रतिशत) के मामले थे। वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े हत्या के मामले 1,229 थे, जो कुल मामलों का 3.8 प्रतिशत थे।

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