उमर खालिद को बड़ा झटका, दिल्ली कोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत याचिका

नई दिल्ली। साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की साजिश रचने के आरोप में यूएपीए के तहत बीते 6 साल से अधिक समय से जेल में बंद उमर खालिद को आज दिल्ली की एक अदालत से बड़ा झटका लगा है।
अदालत ने उमर की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया है। उमर ने अपने अंकल के चेहल्लुम के लिए और मां की सर्जरी के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी।
अदालत ने जमानत न देने के क्या-क्या दिए तर्क?
एएसजे समीर बाजपेयी ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, उमर खालिद और अन्य आरोपियों को पहले कई मामलों में अंतरिम जमानत मिली है और उन्होंने नियमों का उल्लंघन भी नहीं किया है। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि जब भी ये लोग जमानत मांगें हर मौके पर इन्हें बेल दी ही जाए।
खालिद ने 15 दिन की बेल अपने अंकल के चेहल्लुम और मां की प्री और पोस्ट मेडिकल सर्जरी के वक्त देखभाल के लिए मांगा है, जो 2 जून को होनी है।
अदालत ने कहा, अंकल के चेहल्लुम में शामिल होना इतना जरूरी नहीं है और अगर उनका रिश्ता बहुत पास का और खास होता तो शायद उमर ने उनके मौत के वक्त ही जमानत मांगी होती न कि इतने दिन बाद।
मां की सर्जरी पर अदालत ने कहा, खालिद की अन्य बहने और पिता भी हैं जो उनकी मां का ख्याल रख सकते हैं।



