मिर्जापुर: सड़क पर तड़पता रहा गाय का बछड़ा, मदद मांगते रहे लोग लेकिन नहीं पहुंचा प्रशासन

मिर्जापुर में अज्ञात ट्रक की टक्कर से गाय का बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना देने के बावजूद मदद नहीं पहुंची, जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने इलाज और कार्रवाई की मांग उठाई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर के सिटी ब्लॉक क्षेत्र में बुधवार देर रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने इंसानियत और पशु संरक्षण के दावों पर कई सवाल खड़े कर दिए। पुजवा चौकी के पास भांग की दुकान के सामने अज्ञात ट्रक की टक्कर से एक गाय का बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद वह सड़क किनारे दर्द से तड़पता रहा, लेकिन काफी देर तक उसे राहत या इलाज नहीं मिल सका।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार ट्रक ने बछड़े को जोरदार टक्कर मारी, जिससे उसके दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए और घायल बछड़े को बचाने की कोशिश करने लगे। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों और गांव के प्रधान को भी सूचना दी, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद कोई मदद मौके पर नहीं पहुंची।

“कर्मचारी छुट्टी पर हैं” जवाब से बढ़ा गुस्सा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब प्रधान से संपर्क किया गया तो जवाब मिला कि “सभी कर्मचारी छुट्टी पर हैं, इसलिए अभी कोई काम नहीं हो पाएगा।” इस जवाब के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते उपचार की व्यवस्था हो जाती, तो घायल बछड़े की हालत इतनी गंभीर नहीं होती। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पशु संरक्षण और गौसेवा के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर घायल पशुओं को समय पर चिकित्सा तक नहीं मिल पाती।

गौ रक्षकों और स्थानीय नेताओं ने जताई नाराजगी

गौ रक्षा प्रमुख अनिल गुप्ता प्रखंड विंध्याचल, गौ रक्षक प्रज्ञान सिंह और भाजपा नेता नितिन विश्वकर्मा ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि समाज में गौसेवा को लेकर लगातार बातें की जाती हैं, लेकिन जब किसी घायल पशु को तत्काल सहायता की जरूरत होती है, तब जिम्मेदार तंत्र अक्सर निष्क्रिय नजर आता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घायल बछड़े का तुरंत उपचार कराया जाए और हादसे के जिम्मेदार वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

स्थानीय लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़कों पर घूमने वाले पशु लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और उपचार के लिए कोई स्थायी व्यवस्था दिखाई नहीं देती। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घायल पशुओं के लिए तत्काल रेस्क्यू और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में समय रहते मदद पहुंच सके। यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनहीनता की भी तस्वीर बनकर सामने आई है, जहां एक बेजुबान जानवर घंटों दर्द से तड़पता रहा और जिम्मेदार तंत्र मदद के इंतजार में खामोश बना रहा।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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