बदायूं में सपा विरोधी पोस्टरों से गरमाई राजनीति, अखिलेश यादव को निशाने पर लेने से बढ़ा विवाद

बदायूं में समाजवादी पार्टी के खिलाफ लगे विवादित पोस्टरों से सियासी माहौल गरमा गया। पोस्टरों में अखिलेश यादव को निशाने पर लिया गया, जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए पोस्टर लगाने वालों की तलाश में जुटी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बदायूं में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शहर के कई प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर समाजवादी पार्टी के खिलाफ लगाए गए विवादित पोस्टरों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। रातों-रात लगाए गए इन होर्डिंग्स में समाजवादी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व को निशाने पर लिया गया, जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली।

पोस्टरों में वर्ष 2014 के चर्चित बदायूं कांड का उल्लेख करते हुए “महिला विरोधी सपाई” जैसे विवादित नारे लिखे गए थे। सुबह लोगों की नजर जैसे ही इन पोस्टरों पर पड़ी, पूरे शहर में इसकी चर्चा शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और कई जगहों पर लगे पोस्टरों को फाड़ दिया।

सपा कार्यकर्ताओं ने बताया राजनीतिक साजिश

समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि जानबूझकर पार्टी की छवि खराब करने के उद्देश्य से ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं ताकि राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया जा सके। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक राजनीति में इस तरह की पोस्टरबाजी समाज में तनाव बढ़ाने का काम करती है। वहीं कई स्थानों पर पोस्टर हटाने को लेकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच बहस की स्थिति भी बनी रही।

पुलिस ने शुरू की जांच

विवाद बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। पुलिस अब शहर के विभिन्न इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पोस्टर किसने और कब लगाए। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नजर बनाए रखी गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।

सपा विधायक ने SSP को सौंपा ज्ञापन

इस पूरे विवाद के बीच बदायूं के सहसवान से समाजवादी पार्टी विधायक ब्रजेश यादव ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और इससे समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है। विधायक ने मांग की कि पोस्टर लगाने वालों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

चुनावी माहौल से पहले बढ़ी राजनीतिक तल्खी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही राजनीतिक सक्रियता के बीच इस तरह की पोस्टरबाजी आने वाले समय में और बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले सकती है। फिलहाल बदायूं में यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है और सभी की नजर अब पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।

रिपोर्ट – संतुलित पाठक

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