बांदा में अवैध खनन को लेकर किसानों का प्रदर्शन, पुलिस पर संरक्षण देने का आरोप, डीएम से लगाई गुहार

बांदा के नरैनी क्षेत्र के बिल्हरका गांव के किसानों ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर अवैध खनन रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रैक्टर और पोकलैंड मशीनों से खनन हो रहा है, जिससे कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बुंदेलखंड क्षेत्र में अवैध खनन लंबे समय से एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। अब बांदा जिले के नरैनी थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने न सिर्फ अवैध खनन का आरोप लगाया है, बल्कि स्थानीय पुलिस पर भी कार्रवाई न करने और संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे उनकी कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

छह महीने से शिकायत, फिर भी नहीं रुका खनन

नरैनी थाना क्षेत्र की करतल चौकी अंतर्गत ग्राम बिल्हरका के किसानों का आरोप है कि उनके इलाके में पिछले कई महीनों से अवैध खनन का कार्य जारी है। ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने बीते छह माह के दौरान कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक विभागों को शिकायतें दीं, लेकिन इसके बावजूद खनन गतिविधियां नहीं रुकीं। किसानों का कहना है कि लगातार हो रहे खनन से गांव के आसपास की जमीन का स्वरूप बदल रहा है और खेती पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

ट्रैक्टर और पोकलैंड मशीनों से खनन का आरोप

प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में ट्रैक्टरों और पोकलैंड मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर खनन कराया जा रहा है। उनका कहना है कि नियमों की अनदेखी करते हुए दिन-रात खनन कार्य जारी रहता है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन और कृषि भूमि दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

किसानों ने लगाए धमकी मिलने के आरोप

ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि जब वे अवैध खनन का विरोध करते हैं या शिकायत दर्ज कराते हैं, तो उन्हें धमकियां दी जाती हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

कृषि भूमि के बंजर होने की आशंका

किसानों का कहना है कि लगातार हो रहे खनन से उनकी उपजाऊ भूमि प्रभावित हो रही है। मिट्टी के कटाव और भूमि की संरचना में बदलाव के कारण खेती-किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि समय रहते खनन नहीं रोका गया तो भविष्य में कृषि उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में अवैध खनन की उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में चल रही खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की है। प्रार्थना पत्र देने वालों में जगतपाल सिंह, प्रद्युम सिंह, जय सिंह, सुमित सिंह, कल्याण सिंह और धीरज सिंह सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।

प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें

ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला अवैध खनन और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा।

रिपोर्ट: इकबाल खान, बांदा

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