महाराष्ट्र में सियासी टाइगर पर भारी पड़े शेर

शिवसेना यूबीटी में एक और टूट,एनसीपी-एसपी का कांग्रेस में विलय पर संशय

आदित्य ठाकरे के बयान के बाद सियासी घमासान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में ये उथल-पुथल का दौर है। वहां के लोग चर्चा कर रहे लगता अब भी टाइगर जिंदा है। अर्थात वहां पर ऑपरेश टाइगर जारी है। जहां उद्धव ठाकरे की शिवसेना एक बार फिर टूट गई। इस टूट ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। इनसबके बीच शरद पवार व आदित्य ठाकरे शिंदे गुट व भाजपा को एकबार फिर अपने दम से दिखा दिया है कि वो आज भी मराठा शेर हैं।
शिंदे की शिवसेना अब लोस में महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। जिस तरह से उद्धव की शिवसेना टूटी है, उसके बाद अब शरद पवार की एनसीपी चर्चा में आ गई है। कई लोग कह रहे हैं कि क्या अगला नंबर एनसीपी (एसपी) का है? वहीं शिवेसना सेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे ने वाराणसी से लडऩे की बात कह कर सियासी हलचल मचा दी है।

विलय पर कोई बात नहीं : सुप्रिया सुले

हालांकि इसके साथ ही एक और चर्चा तेज है कि क्या कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी का विलय होगा। इस सवाल को लेकर सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, पिछले 25 सालों से कांग्रेस हमारा मित्र पक्ष रहा है, लेकिन अभी तक ना ही कांग्रेस की तरफ से और ना ही हमारी तरफ से विलय का कोई प्रस्ताव है।

विलय की बातें सिर्फ अफवाह : रोहित पवार

महाराष्ट्र में एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार से बात की तो उन्होंने कहा, एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस के विलय की बात एक अफवाह है। इसका क्या मतलब हो सकता है? क्योंकि एनसीपी (एसपी) के दो-दो नेता कांग्रेस में विलय को लेकर मना कर रहे हैं।

निर्दलीय एमएलसी किरण सरनाइक शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल

महाराष्ट्र की सियासत में अपनी पैठ मजबूत करने में जुटे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य में जारी आक्रामक सियासी जोड़-तोड़ के बीच, निर्दलीय विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) किरण सरनाइक औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। महाराष्ट्र विधान परिषद में अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सरनाइक ने देर रात पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में शिवसेना की सदस्यता ग्रहण की। राज्य की राजनीति में अपना प्रभाव बढ़ाने की लगातार कोशिशों के बीच सत्ताधारी पार्टी के लिए इस घटनाक्रम को एक और बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। महाराष्ट्र विधान परिषद में अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सरनाइक बुधवार देर रात पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुए। पार्टी में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरनाइक कई वर्षों से कई जनहित के मुद्दों पर उनके साथ काम कर रहे थे और अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर शिवसेना का सहयोगी सदस्य बनने का फैसला किया है। शिंदे के अनुसार, विधायक का यह फैसला महाराष्ट्र में पार्टी के नेतृत्व और उसके राजनीतिक एजेंडे के लिए बढ़ते समर्थन को दर्शाता है।

अगर आप कहेंगे तो मैं वाराणसी से लडूंगा : आदित्य ठाकरे

ऑपरेशन टाइगर का शिकार होने के बाद शिवसेना यूबीटी अब राजनीतिक बेचैनी के दौर से गुजर रही है। पार्टी के युवा नेता और वर्ली के विधायक आदित्य ठाकरे ने ऐसा बयान दे दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अगला चुनाव फिर वर्ली से ही लड़ेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, अगर आप कहेंगे तो मैं वाराणसी से लडूंगा। इस एक वाक्य ने साफ संकेत दे दिया कि आदित्य ठाकरे भविष्य में लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से ताल ठोंकने का सपना देख रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह राजनीतिक आत्मविश्वास है या फिर अनुभवहीनता से उपजा एक बचकाना दांव? दिलचस्प बात यह भी है कि हाल ही में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि यदि कभी देवेंद्र फडणवीस प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनते हैं तो शिवसेना यूबीटी उनका समर्थन करेगी। हालांकि उद्धव ने साथ ही यह भी कहा कि भाजपा में ऐसा सपना देखना ही फडणवीस के लिए राजनीतिक आत्महत्या साबित होगा क्योंकि पार्टी नेतृत्व इसकी अनुमति नहीं देगा। उद्धव ठाकरे का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक तरफ वह भाजपा पर हमला बोलते हैं, दूसरी तरफ फडणवीस जैसे भाजपा नेता के लिए समर्थन की बात भी करते हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि ठाकरे परिवार अभी भी राष्ट्रीय राजनीति में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए नए समीकरण तलाश रहा है।

बेंगलुरु में दर्दनाक हादसा! पत्थर खदान में चट्टान गिरने से बिहार के सात मजदूरों की मौत

कई घायल, जांच में जुटी पुलिस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला हादसा सामने आया है। बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मडापट्टना में गुरुवार सुबह एक पत्थर की खदान में काम के दौरान एक विशालकाय चट्टान गिर गई। इस हादसे में बिहार के रहने वाले कम से कम सात दिहाड़ी मजदूरों की मलबे में दबने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए खदान मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
पुलिस ने बताया कि गुरुवार को कर्नाटक के बेंगलुरु में पत्थर की एक खदान में बड़ी चट्टान गिरने से बिहार के कम से कम सात मज़दूरों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह हादसा सुबह-सुबह बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मडापट्टना में हुआ, जब कावेरी कंपनी के कर्मचारी एक चट्टान पर काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि मारे गए सभी लोग दिहाड़ी मज़दूर थे जो पत्थर तोडऩे वाली जगह (स्टोन क्रशर साइट) पर काम कर रहे थे, वे गिरी हुई चट्टान के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह हादसा खदान में खुदाई के काम के दौरान हुआ। शुरुआती जांच के मुताबिक, खदान में काम चल रहा था तभी एक बड़ी चट्टान टूटकर नीचे काम कर रहे मज़दूरों पर गिर गई।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे के समय खदान में लगभग 15 से 20 मज़दूर मौजूद थे। शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि एक हिताची मशीन मज़दूरों से लगभग 100 फीट ऊपर नई क्रशर यूनिट के लिए जगह बना रही थी। इसी दौरान, एक बड़ी चट्टान अपनी जगह से हट गई और लुढक़कर नीचे काम कर रहे मज़दूरों पर आ गिरी। पुलिस को शक है कि हादसा इसलिए हुआ होगा क्योंकि हिताची मशीन के ऑपरेटर ने ध्यान नहीं दिया कि खुदाई वाली जगह के ठीक नीचे मज़दूर काम कर रहे थे। घायलों को इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। घायलों की सही संख्या की पुष्टि की जा रही है, हालांकि शुरुआती रिपोर्टों से पता चला है कि कई मज़दूर घायल हुए हैं।

125 साल पुराना गुरुद्वारा ढहाए जाने पर भारत ने लगाई लताड़

पाकिस्तान सरकार मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई करें : विदेश मंत्रालय

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नर्ई दिल्ली। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक स्थानीय बिजनेसमैन की ओर से 125 साल पुराना ऐतिहासिक गुरुद्वारे को ढहाए जाने की खबरों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शेखूपुरा जिले के फरूखाबाद स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का हिस्सा गिराए जाने पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़ी निंदा की। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विवाद बढऩे के बाद पंजाब (पाकिस्तान) के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने बुधवार (1 जुलाई) को गुरुद्वारा सिंह सभा का दौरा किया और इसके फौरन जीर्णोद्धार की घोषणा की. अरोड़ा ने स्थानीय सिखों की शिकायतें भी सुनीं. औकाफ विभाग पाकिस्तान का एक सरकारी विभाग है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की संपत्तियों, न्यासों और पूजा स्थलों की देखरेख, प्रबंधन और सुरक्षा करता है।

मनीष तिवारी की पोस्ट से बढ़ी सियासी हलचल

पंजाब में चुनाव से पहले क्या कांग्रेस छोड़ेंगे !

तिवारी ने कहा-कांग्रेस को 45 साल दिए, फिर भी बाहर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़। चंडीगढ़ सांसद कांग्रेस मनीष तिवारी की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सियासी महकमे में हडक़ंप मच गया। सांसद ने कांग्रेस को लेकर गुरुवार को सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि पंजाब के लिए नए वर्किंग प्रेसिडेंट और पोल पैनल की घोषणा की तो उसमें उनका नाम नहीं था।
पार्टी ने उन्हें संगठन के फेरबदल से बाहर कर दिया गया। इस समाचार से जुड़े एक आर्टिकल पर रिएक्शन देते हुए तिवारी ने कहा कि काश उनके पास लोगों और संस्थाओं की इनसिक्योरिटी के लिए कोई एंटीडोट होता।
पिछले 45 सालों में काफी कुछ दिया है और मैंने भी अपनी पूरी एडल्ट जिंदगी दशकों से इंडियन नेशनल कांग्रेस की सेवा में लगा दी है। क्या होगा, क्या होगा, जो होगा, वो होगा। दरअसल, बुधवार को पंजाब विधानसभा 2027 चुनाव को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने संगठनात्मक नियुक्तियों का एलान किया था। इसमें चुनाव संबंधी समितियों के अध्यक्षों और सह-अध्यक्षों के नाम शामिल थे। वहीं, चंडीगढ़ से तीन बार सांसद और पंजाब के दिग्गज नेताओं में शामिल मनीष तिवारी को कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। जिसके बाद आज उन्होंने एक्स पर यह टिप्पणी की। बता दें कि मनीष तिवारी अभी चंडीगढ़ से सांसद हैं। साल 19 में वह पंजाब के आनंदपुर साहिब से और लुधियाना से भी सांसद रह चुके हैं।

लखनऊ में सुबह हुई झमाझम बारिश, गर्मी से राहत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल के बाद आखिरकार मानसून दिल्ली पहुंच गया है। उप्र की राजधाी लखनऊ गुरुवार को सुबह झमाझम बारिश। इस बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि एक घंटे की बारिश में शहर के कई इलाके तालाब गन गए। उधर बारिश के थमते धूप निकल आई। सूरज का तापमान कुछ दिनों की अपेक्षा गिरा पर लोग उमस से पेरशान रहे। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून 27 जून को आने वाला था लेकिन यह दिल्ली में पांच दिन की देरी से 2 जुलाई को पहुंचा है।
वहीं मानसून के आगमन से ही आज सुबह ही दिल्ली और आसपास के इलाके के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। आज सुबह ही दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज धूलभरी हवाएं चलने के बाद मामूली बारिश हुई।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम सुहाना बना

बारिश के बाद से ही पूरे दिल्ली-एनसीआर का मौसम सुहाना बना हुआ है। हालांकि बारिश ज्यादा न होने से लोग उमस महसूस कर रहे हैं लेकिन रोजाना होने वाली तेज धूप से उन्हें राहत मिल गई है। 26 साल में 13वीं बार जुलाई में दिल्ली पहुंचा मानसून
हालांकि दिल्ली में मानसून आने की सामान्य तिथि 27 जून है लेकिन अल नीनो के असर से इस वर्ष यह देर से पहुंचा है। 2001 से लेकर अभी तक 26 वर्षों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जून में मानसून ने 11 बार ही दस्तक दी है।

मुंबई मूसलाधार आफत, लोकल ट्रेनें थमीं

महाराष्ट्र के तटीय इलाकों और मुंबई महानगर क्षेत्र में बुधवार और गुरुवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मूसलाधार बारिश और उसके बाद हुए गंभीर जलजमाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। पनवेल, उरण, पालघर और रायगढ़ के स्थानीय नगर निकायों ने गुरुवार को सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति सामान्य होने और पानी उतरने के बाद ही कक्षाएं दोबारा शुरू की जाएंगी। भारी बारिश के कारण मुंबई और उसके सैटेलाइट शहरों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

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