NEET आंदोलन खत्म, अब क्या करेगी CJP? जानें फ्यूचर प्लान

क्या CJP फिर से किसी दूसरे मुद्दे को लेकर आंदोलन में उतरेगी या राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेगी,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP का धरना समाप्त हो गया है, लेकिन संगठन का कहना है कि यह केवल एक शुरुआत है और उनका मिशन शिक्षा सुधारों पर जोर देते हुए अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाना है.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 36 दिनों से चल रहा आंदोलन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन लोगों में यह उत्सुकता है कि CJP का अगला कदम क्या होगा? क्या CJP फिर से किसी दूसरे मुद्दे को लेकर आंदोलन में उतरेगी या राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेगी, हालांकि CJP के नेता फिलहाल इस पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं, लेकिन संकेत जरूर दे रहे हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी के ट्विटर हैंडर से संस्थापक अभिजीत दीपके की तस्वीर शेयर की गयी है, जिसमें कहा गया है कि वह टाइफाइड से लड़ाई कर रहे हैं. जंतर-मंतर धरना के दौरान अभिजीत दीपके ने बुखार की शिकायत की थी. बाद में जांच के बाद टाइफाइड की पुष्टि हुई है.

इससे पहले ने अभिजीत दीपके ने एक वीडियो जारी करके उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने युवाओं की बड़ी जीत को मुमकिन बनाया था. उन्होंने उन सभी आलोचकों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने उन्हें बेहतर बनाने में मदद की, और आखिरकार कॉकरोच जनता पार्टी के पहले कैंपेन का वादा पूरा किया.

बहुत बड़े मिशन का सिर्फ पहला चैप्टर

वहीं आगे की प्लानिंग पर संगठन के नेताओं का कहना है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है. अपने अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने से लेकर शिक्षा सुधारों पर जोर देने तक, CJP नेताओं का कहना है कि ये विरोध प्रदर्शन एक बहुत बड़े मिशन का सिर्फ पहला चैप्टर है.

केंद्र द्वारा अपनी एक मुख्य मांग मान लेने के बाद शनिवार को देश भर में चल रहे आंदोलन को वापस लेते हुए, CJP नेताओं ने एक बात कही कि प्रधान का इस्तीफा मंजिल नहीं, बल्कि एक लंबे सफर की शुरुआत है.

CJP नेता दीपके दीपके ने कहा कि विरोध खत्म होने का अर्थ आंदोलन खत्म होना नहीं है. यह तो केवल एक शुरुआत है. उन्होंने परीक्षा विवाद के बीच आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे और 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई झड़पों के लिए पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की.

अंत नहीं एक नई शुरुआत

इसी बात से सहमति जताते हुए, CJP की प्रवक्ता नेहा बोरा ने कहा कि इस आंदोलन ने युवाओं के मिलकर काम करने की ताकत दिखाई है. उन्होंने मीडिया को बताया, “एकजुट युवा बदलाव ला सकते हैं. यह अंत नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत है.”

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाता रहेगा और शिक्षा और शासन में सुधारों पर जोर देगा. दास ने बताया, “आंदोलन युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाता रहेगा और शिक्षा और शासन में सुधारों की दिशा में काम करता रहेगा.”

दास ने कहा कि चुनावी राजनीति में आना ग्रुप की तुरंत प्राथमिकता नहीं है. उन्होंने कहा, “750-800 पॉलिटिकल पार्टियां हैं और उनमें से कोई भी युवाओं की उम्मीदों को पूरा नहीं कर सकती और हम इस मूवमेंट को जमीनी स्तर तक ले जाना चाहते हैं ताकि, चाहे कोई भी पॉलिटिकल पार्टी हो या सत्ता में बैठा पॉलिटिकल लीडर, वे युवाओं के लिए काम कर सकें और उनकी मांगों को पूरा कर सकें. अभी यही हमारा एजेंडा है.”

राजनीति से इनकार नहीं

हालांकि CJP के नेताओं ने कहा कि उनका अभी का फोकस आंदोलन को बढ़ाने पर है, CJP नेता रांका ने भविष्य में राजनीति में आने की संभावना से इनकार नहीं किया.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब पूछा कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी आखिरकार एक राजनीतिक पार्टी बन सकती है, तो रांका ने जवाब दिया, “सार्वजनिक जीवन और राजनीति में अपने छोटे से करियर में मैंने बस यही सीखा है कि कभी ना मत कहो. कभी ना मत कहो.” हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी की प्राथमिकता देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना है.

रांका ने कहा, “यह खत्म नहीं हुआ है. यह तो बस शुरू हो रहा है. हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक इस देश की शिक्षा व्यवस्था ठीक नहीं हो जाती, और यह एक वादा है.”

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