संसद में अखिलेश यादव का तंज, ‘चढ़ावा चोरी नहीं रुकी, पेपर लीक कैसे रुकेगा?’

पेपर लीक पर चर्चा के दौरान जब अखिलेश यादव बोलने के लिए उठे, तो उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, जौहर यूनिवर्सिटी और 'कॉकरोच आंदोलन' जैसे मुद्दों पर सरकार को जमकर घेरा. अखिलेश ने कहा कि सरकार शिक्षा की नींव पर हमला कर रही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पेपर लीक पर चर्चा के दौरान जब अखिलेश यादव बोलने के लिए उठे, तो उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, जौहर यूनिवर्सिटी और ‘कॉकरोच आंदोलन’ जैसे मुद्दों पर सरकार को जमकर घेरा. अखिलेश ने कहा कि सरकार शिक्षा की नींव पर हमला कर रही है.

लोकसभा में पेपर लीक पर पेश किए गए संशोधन बिल पर बोलते हुए मंगलवार को समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया. अखिलेश ने कहा कि सरकार ने प्रधान का इस्तीफा लेकर प्रधानमंत्री को बचा लिया. अखिलेश ने आगे कहा कि शायद इसलिए कल बीजेपी के सांसद खुश थे और धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत कर रहे थे. कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि मजाक-मजाक में शुरू हुई पार्टी सरकार के लिए गंभीर हो गई.

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जो लोग पेपर लीक रोकने की बात कर रहे हैं, उनसे एक सवाल है- जो लोग राम मंदिर में चढ़ावा चोरी नहीं रोक पाए, वो पेपर लीक कैसे रोक पाएंगे? अखिलेश ने आगे कहा कि सरकार की मंशा शिक्षा सुधारने की नहीं है. सरकार ने प्राथमिक स्कूलों को पूरी तरीके से खत्म कर दिया है.

संसद में अखिलेश के भाषण की 5 बड़ी बातें
1. भारतीय जनता पार्टी सिर्फ जुमला दे सकती है. उसके पास काम दिखाने के लिए कुछ नहीं है. मजाक-मजाक में जो कॉकरोच जनता पार्टी बनी थी, उसने मुद्दे को गंभीर बना दिया. सरकार गुस्से को समझ नहीं पाई.

. सरकार ने शिक्षा के नींव पर ही हमला कर दिया है. 1 लाख से ज्यादा प्राथमिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं. सरकार नहीं चाहती है कि दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चे पढ़ पाएं.

3. सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में कार्रवाई की बात कही है. सरकार को यह बताना चाहिए कि वे लोग कौन थे, जिन्हें हटाया गया है? उन्हें एनटीए में कैसे शामिल किया गया?

4. 10वीं और 12वीं के पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? क्या सरकार के पास इसके लिए कोई जवाब है? यह तो समझ से परे है. एकरंगी लोग शिक्षा व्यवस्था को खराब कर रहे हैं.

5. नीट पेपर लीक मामले में कई बच्चों ने आत्महत्या की. मेरी संवेदनाएं उन बच्चों के परिवारों के साथ हैं. मैं सरकार से मांग करता/करती हूं कि उन बच्चों के परिवारों को प्रत्येक को 1-1 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि प्रदान की जाए.

इमरजेंसी से ज्यादा हालात बदतर
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि मैंने इमरजेंसी का दौर नहीं देखा है, लेकिन अभी जो अन्याय हो रहा है, वो इमरजेंसी से खतरनाक है. इमरजेंसी के दौर में डंडे में करंट नहीं लगाए जाते थे. अभी तो वो भी हमने देख लिया है. उन्होंने पुलिसिया अत्याचार पर भी सरकार को घेरा.

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़ने में जुटी है. राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग गुप्त दान की चोरी में शामिल थे. उन्होंने कहा कि इन्हें भगवान भी माफ नहीं करेंगे.

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