चैतर वसावा के समर्थन में विशाल पदयात्रा, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
छोटा उदयपुर में चैतर वसावा के समर्थन में बड़ी पदयात्रा निकाली गई... प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के छोटा उदयपुर जिले में आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा के समर्थन में एक महत्वपूर्ण पदयात्रा निकाली गई.. इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य चैतर वसावा के लिए न्याय की मांग करना था.. कार्यक्रम के दौरान जिले के अलग-अलग गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए.. बाद में इन हस्ताक्षरों को कलेक्टर के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन के रूप में सौंपा गया.. पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा और इसमें स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली..
आपको बता दें कि छोटा उदयपुर आदिवासी बहुल इलाका है.. यहां के लोग हमेशा अपने समाज और अपने नेताओं के साथ खड़े रहने के लिए जाने जाते हैं.. चैतर वसावा नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा से विधायक हैं.. और आदिवासी समाज में उनकी अच्छी पहचान मानी जाती है.. हाल ही में एक पुराने मामले में अदालत ने उन्हें सजा सुनाई है.. इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी और उनके समर्थकों ने राज्य के कई हिस्सों में विरोध और समर्थन कार्यक्रम शुरू किए हैं.. छोटा उदयपुर की यह पदयात्रा भी उसी अभियान का हिस्सा थी..
आपको बता दें कि इस पदयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हस्ताक्षर अभियान था.. पार्टी कार्यकर्ताओं ने पहले ही जिले के कई गांवों में जाकर लोगों से हस्ताक्षर करवाए थे.. इन हस्ताक्षरों में लोगों की भावनाएं साफ दिखाई दे रही थीं.. ग्रामीणों का कहना था कि चैतर वसावा ने हमेशा आदिवासी समाज के अधिकारों की आवाज उठाई है.. उन्होंने जंगल, जमीन और पानी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार संघर्ष किया है.. इसलिए जब उनके सामने मुश्किल आई तो लोग उनके समर्थन में आगे आए..
हस्ताक्षर अभियान में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया.. कई गांवों में लगभग हर परिवार से किसी न किसी सदस्य ने हस्ताक्षर किए.. दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचना आसान नहीं था.. कई गांवों की सड़कें खराब थीं.. लेकिन कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी.. वे हर गांव पहुंचे, लोगों से बातचीत की.. पूरे मामले की जानकारी दी और फिर हस्ताक्षर एकत्र किए.. कई बुजुर्ग लिख नहीं सकते थे, इसलिए उन्होंने अपनी अंगूठे की छाप देकर समर्थन जताया.. महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया.. इससे साफ दिखाई दिया कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि पूरे समाज की भावना बन चुका था..
जब पदयात्रा शहर की मुख्य सड़कों से गुजरी तो रास्ते में कई लोग अपने आप इसमें शामिल होते गए.. दुकानदार कुछ समय के लिए अपनी दुकान छोड़कर पदयात्रा के साथ चले.. स्कूल और कॉलेज के कई छात्र भी इस अभियान से जुड़े.. युवाओं का कहना था कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है.. पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस भी मौजूद रही.. लेकिन कहीं भी किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई.. पूरा माहौल शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा.. पदयात्रा का समापन छोटा उदयपुर कलेक्टर कार्यालय के बाहर हुआ.. यहां आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कलेक्टर से मुलाकात की.. और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा.. इस दौरान विधायक गोपाल इटालिया, राज्य संगठन महासचिव मनोज सोरठिया और अन्य स्थानीय नेता मौजूद रहे.. नेताओं ने कहा कि छोटा उदयपुर जिले से एकत्र किए गए हजारों हस्ताक्षर केवल कागज नहीं हैं.. बल्कि आदिवासी समाज की भावनाओं और उम्मीदों का प्रतीक हैं..



