दिशा सालियान केस से ठाकरे परिवार को बदनाम करने की साजिश: राउत

- बोले- कोर्ट में किसी का नाम नहीं लिया पर मीडिया में नाम लिए जा रहे
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि दिशा सालियन मामले में सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर ठाकरे परिवार की छवि खराब करने की कोशिश है। सांसद ने कहा कि सालियन की मौत के मामले में आया नया मोड़ एक राजनीतिक साजिश है। नेता ने कहा कि जिस तरह से यह मामला कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने मामला सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया, वह एक साजि़श है।
आदेश में खास तौर पर सीबीआई जांच की बात कही गई है, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया गया है। फिर भी मीडिया में नाम लिए जा रहे हैं। यह प्रतिक्रिया तब आई है जब सीबीआई ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर सालियन की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। उनके पिता की याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, एफआईआर में किसी भी आरोपी का नाम नहीं है। राउत ने कहा कि सीबीआई जांच का इस्तेमाल आदित्य ठाकरे को निशाना बनाने के लिए एक हथियार के तौर पर किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र सरकार पर कई सार्वजनिक मुद्दों को लेकर हमला करते रहे हैं। राउत ने कहा कि यह ठाकरे परिवार की छवि खराब करने के लिए एक राजनीतिक साजिश है, क्योंकि यह परिवार लोगों के दिलों में बसा हुआ है। राज्यसभा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि स्नढ्ढक्र मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे के आंदोलन से ध्यान भटकाने और संसद में परिसीमन बिल का समर्थन करने के लिए शिवसेना (यूबीटी) पर दबाव बनाने की एक कोशिश थी। दिशा सालियन, जिन्होंने कुछ समय के लिए राजपूत की मैनेजर के तौर पर काम किया था, की मौत 8 जून 2०2० को मुंबई के मलाड इलाके में एक रिहायशी इमारत की 12वीं मंजि़ल से गिरने के बाद हो गई।



