युवाओं के भविष्य पर बड़ा सवाल, मोदी सरकार पर NSUI का सीधा हमला 

गुजरात विश्वविद्यालय में NSUI ने छात्रों की गूंज अभियान के तहत छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया... कार्यक्रम में राष्ट्रीय NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः देश के करोड़ों युवा और छात्र आज बड़े सपने देखते हैं.. वे अच्छी शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद लेकर आगे बढ़ते हैं.. लेकिन विपक्ष का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों.. और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं के सपनों को गहरा झटका दिया है.. इन्हीं मुद्दों को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे छात्रों की गूंज अभियान के तहत गुजरात विश्वविद्यालय में एक महत्वपूर्ण छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया..

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़, गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. इंद्रविजय सिंह तथा.. गुजरात NSUI अध्यक्ष नरेंद्र सोलंकी की उपस्थिति में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.. कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करना नहीं था.. बल्कि युवाओं की समस्याओं को सुनना, उनके सवालों को सामने लाना.. और रोजगार, शिक्षा तथा छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर संवाद स्थापित करना भी था..

कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल हुए.. उन्होंने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और नेताओं से सीधे सवाल किए.. छात्रों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और रोजगार के सीमित अवसरों ने उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है.. राष्ट्रीय NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि देश का युवा आज मेहनत तो कर रहा है.. लेकिन उसे उसके अनुरूप अवसर नहीं मिल रहे हैं.. उनका आरोप था कि सरकारी नौकरियों की भर्तियां समय पर पूरी नहीं होतीं, कई परीक्षाएं रद्द हो जाती हैं.. और बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है..

कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि मैंने वर्षों तक मेहनत की.. लेकिन परीक्षा का पेपर लीक हो गया.. मेरी पूरी तैयारी और एक साल की मेहनत व्यर्थ चली गई.. ऐसे कई छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए.. जिनमें परीक्षा व्यवस्था और रोजगार को लेकर असंतोष साफ दिखाई दिया.. गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. इंद्रविजय सिंह ने भी शिक्षा व्यवस्था.. और सरकारी नीतियों पर सवाल उठाए.. और उन्होंने कहा कि शिक्षा का निजीकरण लगातार बढ़ रहा है.. जबकि सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संसाधनों की कमी महसूस की जा रही है.. उनका कहना था कि बढ़ती फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है..

उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय सहित कई सरकारी संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि लाइब्रेरी, प्रयोगशालाओं.. और छात्रावास जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है.. उनके अनुसार, यदि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया तो इसका सीधा असर देश के भविष्य पर पड़ेगा.. गुजरात NSUI अध्यक्ष नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि छात्रों की गूंज अभियान का उद्देश्य छात्रों की आवाज को देशभर में पहुंचाना है.. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में यह अभियान विभिन्न विश्वविद्यालयों.. और कॉलेजों में चलाया जा रहा है.. ताकि छात्रों की समस्याओं को सीधे सुना जा सके.. और उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जा सके..

सोलंकी ने कहा कि यह लड़ाई केवल डिग्री हासिल करने की नहीं.. बल्कि देश के भविष्य को मजबूत बनाने की लड़ाई है.. यदि युवा मजबूत होंगे, तभी देश मजबूत होगा.. कार्यक्रम के दौरान बेरोजगारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा.. कई छात्रों ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार नहीं मिल रहा.. उनका कहना था कि लाखों युवा डिग्री लेने के बावजूद नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं..

एक छात्रा ने भावुक होकर बताया कि उसके भाई ने MBA की पढ़ाई पूरी की.. लेकिन लंबे समय से रोजगार नहीं मिलने के कारण परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है.. इस तरह के कई अनुभवों ने कार्यक्रम के दौरान युवाओं की चिंताओं को सामने रखा.. NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि रोजगार सृजन की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है.. उनका कहना था कि स्किल डेवलपमेंट योजनाओं को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है.. ताकि युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि वास्तविक रोजगार के अवसर भी मिल सकें..

कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई.. छात्रों ने कहा कि NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने लाखों अभ्यर्थियों को प्रभावित किया है.. उनका मानना था कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी.. और सुरक्षित बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए.. गुजरात विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि कई पाठ्यक्रमों की फीस लगातार बढ़ रही है.. छात्रवृत्तियां समय पर नहीं मिलतीं, शोध कार्यों के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं होती.. और कई विभागों में शिक्षकों की कमी भी महसूस की जाती है..

NSUI नेताओं ने मांग की कि शिक्षा बजट में वृद्धि की जाए, सरकारी शिक्षण संस्थानों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं.. और छात्रों को समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं.. उनका कहना था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर छात्र का अधिकार है.. विनोद जाखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए.. उन्होंने कहा कि यदि देश को आगे बढ़ाना है.. तो हर वर्ग के छात्रों को समान अवसर मिलने चाहिए..

राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे छात्रों की गूंज अभियान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई.. नेताओं ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से कांग्रेस और NSUI देशभर के विश्वविद्यालयों में छात्रों से संवाद स्थापित कर रहे हैं.. अभियान का उद्देश्य शिक्षा सुधार, रोजगार सृजन, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता.. और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है.. NSUI कार्यकर्ताओं का कहना था कि.. यह अभियान युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बना रहा है.. बड़ी संख्या में छात्र अपनी समस्याएं खुलकर सामने रख रहे हैं.. और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात कह रहे हैं..

 

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