6 गुमनाम पार्टियों पर BJP की मेहरबानी, 1500 करोड़ के चंदे पर उठे बड़े सवाल

गुजरात की सियासत में कथित तौर पर 6 गुमनाम पार्टियों को मिले 1500 करोड़ रुपये के चंदे को लेकर कांग्रेस ने BJP सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात कांग्रेस ने गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को कथित तौर पर मिले भारी चंदे की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है.. गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि पार्टी ने वर्ष 2023-24 में गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को बड़ी मात्रा में चंदा मिलने से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का गंभीरता से संज्ञान लिया है.. कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए.. ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन राजनीतिक दलों के खातों में इतनी बड़ी रकम कहां से आई.. और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया..

नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमित चावड़ा ने कहा कि बीबीसी न्यूज़ हिंदी की एक रिपोर्ट.. और उसके विश्लेषण में गुजरात के छह पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मिले चंदे को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं.. चावड़ा के मुताबिक वर्ष 2023-24 में इन छह दलों को भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर अन्य सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की तुलना में अधिक चंदा मिला.. कांग्रेस नेता ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जिन दलों को करोड़ों रुपये का चंदा मिलने की बात सामने आई है.. उन्होंने चुनावों में केवल एक या दो सीटों पर ही उम्मीदवार उतारे थे.. ऐसे में इतनी बड़ी रकम मिलने का स्रोत और उद्देश्य जांच का विषय होना चाहिए..

अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि इन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के वित्तीय लेन-देन और उनके चुनावी प्रदर्शन के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है.. उनका कहना है कि कुछ दलों ने चुनावों में बेहद सीमित भागीदारी की.. लेकिन इसके बावजूद उनके खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन का उल्लेख सामने आया.. कांग्रेस का दावा है कि इन दलों की गतिविधियों, उनके पंजीकृत कार्यालयों.. और उनके बैंक खातों की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है.. चावड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि इनमें से कई राजनीतिक दल अपने पंजीकृत पते.. घर या कार्यालय में सक्रिय रूप से मौजूद तक नहीं पाए जाते हैं.. ऐसे में कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि ये संगठन जमीन पर सक्रिय नहीं हैं.. तो इनके खातों में इतनी बड़ी रकम का लेन-देन कैसे हुआ..

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष ने इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर भी राजनीतिक हमला बोला.. चावड़ा ने कथित चंदे के इस मामले को ‘मोदी मॉडल’ करार देते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है.. लेकिन जमीनी स्तर पर करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के आरोप सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई देती.. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है.. कांग्रेस का कहना है कि केवल राजनीतिक बयानबाजी के बजाय इस मामले में दस्तावेजों, बैंक खातों, दानदाताओं.. और संबंधित संगठनों की गतिविधियों की जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके..

अमित चावड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ की बात करते हैं.. लेकिन गुजरात में सामने आए इन आरोपों से कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं.. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राजनीतिक दलों का चुनावी प्रभाव सीमित है.. उन्हें करोड़ों रुपये का चंदा मिलना अपने आप में जांच का विषय है.. चावड़ा ने दावा किया कि कई ऐसे दल हैं जिनकी वास्तविक राजनीतिक गतिविधियां बेहद कम दिखाई देती हैं.. लेकिन उनके बैंक खातों में बड़ी रकम के लेन-देन का उल्लेख मिलता है.. उन्होंने कहा कि यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह केवल राजनीतिक चंदे का मामला नहीं रह जाता.. बल्कि इसके पीछे वित्तीय अनियमितताओं और धन के संभावित दुरुपयोग की भी जांच आवश्यक हो जाती है..

कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि इन राजनीतिक दलों के खर्च और आय के आंकड़ों में भी कथित तौर पर बड़ा अंतर दिखाई देता है.. चावड़ा के अनुसार, कुछ दलों का चुनावी.. और संगठनात्मक खर्च कुछ लाख रुपये के आसपास बताया जाता है.. जबकि उनके खातों में करोड़ों रुपये की आमदनी और लेन-देन दिखाई देता है.. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम किस स्रोत से आई.. और इसे किस उद्देश्य के लिए खर्च किया गया.. चावड़ा ने दावा किया कि इस तरह के मामलों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं.. और कुछ मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने की बात भी सामने आई है.. इसके बावजूद, यदि प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है.. तो यह पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है..

 

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