बंगाल-असम में चुनावी प्रचार में आई तेजी
ममता ने शाह को घेरा, बोलीं- मैं मौत के मुंह से लौटी हूं

- अमित शाह के खिलाफ चार्जशीट की मांग
- कांग्रेस अध्यक्ष खरगे भाजपा पर बरसे
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। असम व बंगाल में चुनावी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। भाजपा, कांग्रेस, टीएमसी समेत सभी सियासी दलों के प्रचार में तेजी के साथ आक्र मकता बढ़ती जा रही है। जहां बंगाल में शाह व सीएम ममता के बीच जुबानी जंग होने लगी है वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्ल्लिकार्जुन खरगें असम की बीजेपी सरकार पर करारा वारकिया। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने अपनी चोट पर अमित शाह की विक्टिम कार्ड वाली टिप्पणी का करारा जवाब दिया है, उन्हें अपनी मेडिकल रिपोर्ट देखने की चुनौती दी और पलटवार में उनके खिलाफ ही चार्जशीट की मांग की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जताई है।
दरअसल, अमित शाह ने एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ राजनीतिक आरोपपत्र जारी करते हुए ममता बनर्जी पर विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप लगाया था। शाह ने कहा था कि चुनाव के समय ममता कभी अपनी चोट तो कभी चुनाव आयोग को मुद्दा बनाकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश करती हैं। पुरुलिया जिले के मानबाजार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने अमित शाह को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा, जो लोग कह रहे हैं कि मैं चुनाव के दौरान पट्टी बांधकर घूमती हूं, वे जाकर मेरी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट देख लें। मैं बार-बार मौत के मुंह से वापस लौटी हूं। उन्होंने भाजपा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या 2021 के चुनाव के दौरान उन्हें जानबूझकर चोट पहुंचाई गई थी और क्या अब उन्हें जान से मारने की कोई योजना बनाई जा रही है?
जन कल्याणकारी योजनाओं पर खतरा
ममता बनर्जी ने राज्य की महिलाओं को सचेत करते हुए कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वह लक्ष्मी भंडार जैसी लोकप्रिय योजनाओं को बंद कर देगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा लोगों की खान-पान की पसंद और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाने की कोशिश करेगी। अमित शाह द्वारा टीएमसी सरकार के खिलाफ जारी किए गए आरोपपत्र पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खुद शाह के खिलाफ उनके पुराने कृत्यों के लिए चार्जशीट दाखिल होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता केवल राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनकी सरकार ने बंगाल के विकास के लिए निरंतर काम किया है।
असम में कांग्रेस की पांच प्रमुख गारंटियां
असम विधानसभा चुनाव से पहले, कांग्रेस ने राज्य की सत्ता में वापसी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लखीमपुर जिले के नाओबोइचा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी का घोषणापत्र जारी किया और जनता के लिए पांच मुख्य गारंटियों का एलान किया। महिला कल्याण: महिलाओं के बैंक खातों में बिना शर्त नकदी ट्रांसफर की जाएगी और नया व्यवसाय शुरू करने के लिए 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। स्वास्थ्य : हर परिवार को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। भूमि अधिकार: लगभग 10 लाख स्थानीय भूमिपुत्रों को भूमि का स्थायी पट्टा (मालिकाना हक) दिया जाएगा। जुबीन गर्ग मामले में न्याय: असम के सांस्कृतिक प्रतीक स्व. जुबीन गर्ग की मृत्यु के मामले में 100 दिनों के भीतर जांच पूरी कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। बुजुर्ग सहायता: राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने 1,250 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
भाजपा सरकार ने डबल लूट की : खरगे
रैली के दौरान खरगे ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह डबल इंजन नहीं बल्कि डबल लूट की सरकार है, जो असम के संसाधनों का इस्तेमाल दिल्ली में बैठे नेताओं की तिजोरियां भरने के लिए कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को ‘नकली मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि उन्होंने धोखे से सत्ता हासिल की है और अब राज्य में डर का माहौल बना रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है और उनके नेताओं के परिवार के सदस्य भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा देश को पुराने मनुवाद के हिसाब से चलाना चाहती है, जहां दलितों और पिछड़ों के साथ भेदभाव किया जाता है। खरगे ने लोगों से एकजुट होकर ऐसी विभाजनकारी ताकतों को सत्ता से बाहर करने की अपील की। खरगे ने शंकर देव, गोपीनाथ बोरदोलोई और तरुण गोगोई जैसे महान व्यक्तित्वों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने असम को बनाया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई लड़ी और देश को एकजुट रखा, वहीं भाजपा केवल लोगों के बीच फूट डालने का काम कर रही है।


