गोपाल इटालिया का BJP पर तीखा हमला, कहा- जनता का हो रहा खुला शोषण
गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी ने एक नया नारा देकर BJP पर सीधा हमला बोला है... AAP विधायक गोपाल इटालिया ने आरोप लगाया कि...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः आम आदमी पार्टी ने गुजरात में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने के लिए एक नया और तीखा नारा जारी किया है.. “न बेटा, न बाप, गुजरात अब AAP का”.. यह नारा सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उनके बेटे जय शाह की ओर इशारा करता है.. जिन्हें AAP गुजरात में पिता-पुत्र की जोड़ी के रूप में पेश कर रही है.. पार्टी का दावा है कि यह जोड़ी राज्य में बिना किसी रोक-टोक के प्रभाव जमाकर जनता का शोषण कर रही है.. और अब AAP गुजरात की जनता को इस शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए आगे आ रही है.. यह नारा AAP की गुजरात में बढ़ती हुई सक्रियता का हिस्सा है.. जहां पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर जोर-शोर से तैयारी कर रही है..
गुजरात लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का गढ़ रहा है.. 2001 से लगातार BJP यहां सत्ता में है.. पहले नरेंद्र मोदी और बाद में अन्य नेताओं के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता में है.. अमित शाह, जो गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.. और अब केंद्र में गृह मंत्री हैं.. राज्य की राजनीति में बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं.. उनकी रणनीति और संगठन कौशल ने BJP को कई चुनावों में जीत दिलाई है.. उनके बेटे जय शाह BCCI के सचिव हैं.. और कई अन्य संगठनों में भी पदों पर हैं.. AAP का आरोप है कि यह पिता-पुत्र की जोड़ी गुजरात में डबल नंबर का बिजनेस चला रही है.. यानी प्रभाव का इस्तेमाल करके आर्थिक लाभ उठा रही है.. और जनता पर बोझ डाल रही है.. पार्टी इसे शोषण का नाम दे रही है.. जिसमें महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक दुरुपयोग शामिल हैं..
AAP के नेताओं का कहना है कि गुजरात की जनता अब BJP की गुंडई और अत्याचार से तंग आ चुकी है.. अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में अहमदाबाद में एक कार्यक्रम में कहा था कि.. गुजरात की जनता का मन बदल चुका है.. और 2027 में सत्ता परिवर्तन तय है.. पार्टी के दावों के अनुसार गुजरात में AAP का वोट शेयर तेजी से बढ़ रहा है.. कुछ सर्वे रिपोर्ट्स में AAP का वोट शेयर 24.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है.. जबकि कांग्रेस का गिरकर 17.3 प्रतिशत रह गया है.. इससे AAP गुजरात में दूसरी सबसे बड़ी ताकत बन गई है.. सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत हो रही है.. जहां BJP को नुकसान का अनुमान है.. उत्तर और मध्य गुजरात में BJP अभी मजबूत है.. लेकिन शहरी इलाकों में AAP युवाओं और मध्यम वर्ग को आकर्षित कर रही है..
आपको बता दें कि यह नारा AAP की पुरानी रणनीति का हिस्सा लगता है.. जहां पार्टी बड़े नेताओं के परिवारवाद और प्रभाव के दुरुपयोग पर हमला करती है.. पहले दिल्ली और पंजाब में भी AAP ने ऐसे ही नारे और आरोपों से चुनाव लड़े थे.. गुजरात में यह नारा अमित शाह और जय शाह को निशाना बनाकर लॉन्च किया गया है.. क्योंकि अमित शाह को गुजरात BJP का शक्तिशाली चेहरा माना जाता है.. जय शाह पर पुराने समय में कुछ आरोप लगे थे.. 2017 में एक मीडिया रिपोर्ट में उनकी कंपनी की आय में अचानक वृद्धि का दावा किया गया था.. हालांकि, बाद में कोर्ट में वह मामला डिफेमेशन के रूप में चला और रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले को नुकसान हुआ.. वहीं अब AAP इन पुराने मुद्दों को फिर से उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है..
गुजरात में आज की स्थिति काफी जटिल है.. राज्य में विकास के नाम पर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं.. लेकिन बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, महंगाई और पानी की कमी जैसे मुद्दे भी गंभीर हैं.. AAP इन मुद्दों पर फोकस कर रही है.. पार्टी ने किसानों के प्रदर्शनों का समर्थन किया है.. और आरोप लगाया है कि BJP सरकार किसानों की आवाज दबा रही है.. हाल ही में कुछ AAP कार्यकर्ताओं को किसान आंदोलन से जुड़े केस में जमानत मिली.. जिसे पार्टी सच की जीत बता रही है.. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सत्यमेव जयते और गुजरात में भी सच सामने आएगा..
AAP की गुजरात में मौजूदगी 2022 के विधानसभा चुनाव से तेज हुई.. जब पार्टी ने 5 सीटें जीतीं और अच्छा वोट शेयर हासिल किया.. तब से पार्टी लगातार कार्यकर्ता बढ़ा रही है.. रैलियां कर रही है और स्थानीय मुद्दों पर हमला बोल रही है.. भगवंत मान जैसे पंजाब के मुख्यमंत्री भी गुजरात आकर AAP का प्रचार कर चुके हैं.. पार्टी का फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मॉडल पर है, जो दिल्ली और पंजाब में सफल रहे.. गुजरात की जनता को AAP यह बताना चाहती है कि BJP के डबल इंजन की जगह आम आदमी का इंजन चाहिए..



