भारत सरकार अमेरिका के दबाव और डर में है: पृथ्वी राज चव्हाण

  • कांग्रेस नेता बोले- वेनेजुएला जैसी स्थिति भारत में भी हो सकती है

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चव्हाण ने एक बार फिर विवादित बयान देकर राजनीतिक हलकों में कोहराम मचा दी है। वेनेजुएला के घटनाक्रम को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि भारत सरकार अमेरिका के दबाव और डर के कारण स्पष्ट रुख अपनाने से बच रही है। चव्हाण ने कहा कि जिस तरह से अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति और वहां की सत्ता व्यवस्था के खिलाफ कदम उठाए हैं, वह अंतरराष्ट्रीय नियमों और संप्रभुता का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि भारत सरकार इसी तरह कमजोर और डरपोक रवैया अपनाती रही तो भविष्य में भारत के साथ भी ऐसी ही स्थिति पैदा हो सकती है। चव्हाण के अनुसार भारत को खुलकर इस मुद्दे पर बोलना चाहिए था, लेकिन सरकार चुप है क्योंकि वह अमेरिका से टकराव नहीं चाहती।
उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सत्तापक्ष ने इसे गैर जिम्मेदाराना और देश की विदेश नीति को कमजोर करने वाला बताया है, जबकि कांग्रेस समर्थकों ने इसे साहसिक बयान करार दिया है। हम आपको बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब पृथ्वी राज चव्हाण ने अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील विषयों पर इस तरह की तीखी और विवादित टिप्पणियां की हों। उनका यह बयान भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह अक्सर तथ्यों से अधिक वेनेजुएलााशंकाओं और अतिशयोक्ति पर आधारित निष्कर्ष पेश करते नजर आते हैं।

भारत की प्रतिष्ठा की रक्षा करने में कमजोर है केंद्र: श्रीनेत

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर भारत की प्रतिष्ठा की रक्षा करने में कमजोर और असमर्थ होने का आरोप लगाया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ट्रम्प वहां खड़े होकर भारत का मज़ाक उड़ा रहे हैं, उसे अपमानित कर रहे हैं और उसका उपहास कर रहे हैं। ट्रम्प के बगल में खड़े अमेरिकी सीनेटर का दावा है कि भारतीय राजदूत राष्ट्रपति को खुश रखने के लिए उनसे विनती कर रहे हैं। ट्रम्प का कहना है कि मोदी ने उन्हें खुश करने के लिए अमेरिका के दबाव में रूसी तेल का आयात कम किया है। ऐसे बेशर्म गुंडे मेरे देश का मज़ाक उड़ा रहे हैं – लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से एक शब्द भी नहीं। मोदी एक आपदा हैं – एक कमजोर, कायर व्यक्ति जो भारत की प्रतिष्ठा की रक्षा करने वाले गुंडों के सामने खड़े नहीं हो सकते।

अमेरिका में पीएम मोदी के इवेंट्स से क्या मिला?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को भारत के प्रति अमेरिकी राष्ट्रपति के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच बार-बार सौहार्दपूर्ण व्यवहार दिखाने के बावजूद वाशिंगटन लगातार कभी गर्म, कभी ठंडा रवैया अपना रहा है। एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर भारत से आयात पर उच्च शुल्क लगाने की धमकी दी है। उन्होंने टिप्पणी की कि नमस्ते ट्रंप और हाउडी मोदी जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों, बार-बार दिखाई गई व्यक्तिगत गर्मजोशी और सोशल मीडिया पर प्रशंसा से भारत को कुछ खास लाभ नहीं हुआ है। उन्होंने पोस्ट में कहा कि व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री के अच्छे दोस्त भारत के प्रति अपना कभी गर्म, कभी ठंडा रवैया जारी रखे हुए हैं। उन्होंने एक बार फिर धमकी दी है कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करता है तो वे भारत से आयात होने वाले अमेरिकी उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाएंगे। वे सभी नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी कार्यक्रम, वे सभी (जबरदस्ती के) गले मिलना और अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रशंसा करने वाले वे सभी सोशल मीडिया पोस्ट बहुत कम लाभ पहुंचा रहे हैं।

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