पीएम मोदी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करके देशद्रोह किया: राहुल
नेता प्रतिपक्ष बोले- समझौते से भारत के किसानों और छोटे व्यवसायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एकबार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करके देशद्रोह करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि इस समझौते से भारत के किसानों और छोटे व्यवसायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। गांधी ने ये टिप्पणियां केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान के नेतृत्व में राज्यव्यापी पुथुयुग यात्रा के समापन समारोह का उद्घाटन करते हुए कीं।
गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को निराश किया है। उन्होंने देश के साथ विश्वासघात किया है। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ समझौता करके देश के साथ विश्वासघात किया है। राहुल ने आरोप लगाया कि आम नागरिक, विशेषकर किसान और छोटे व्यवसायी, अंतत: इस समझौते का बोझ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि उनसे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने भारतीय कृषि को अमेरिकी कृषि के लिए नहीं खोला। राहुल ने कहा कि बड़ी और मशीनीकृत अमेरिकी कृषि कंपनियों के भारतीय बाजार में प्रवेश से छोटे किसानों पर भारी दबाव पड़ेगा और कृषि क्षेत्र में भारी तबाही मच सकती है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि देश का ऊर्जा क्षेत्र प्रभावित हुआ है और दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने समझौते के माध्यम से भारतीय डेटा प्राप्त किया है। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी ट्रम्प के इशारों पर चलते हैं और कहा कि केरल के मुख्यमंत्री भी इसी तरह मोदी के इशारों पर चलते हैं।

एपस्टीन की फाइलों से भयभीत हैं भारत के पीएम
गांधी ने कहा कि एपस्टीन की साढ़े तीन मिलियन फाइलें अभी तक सामने नहीं आई हैं। भारत के प्रधानमंत्री इस बात से भयभीत हैं कि अमेरिका उन फाइलों को जारी कर देगा। प्रधानमंत्री के करीबी अनिल अंबानी का नाम उन फाइलों में है। हरदीप पुरी का नाम भी उन फाइलों में है। हमें पूरा विश्वास है कि उन फाइलों में और भी कई नाम हैं। दूसरी ओर, अमेरिका ने अडानी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। प्रधानमंत्री मोदी इस बात से भयभीत हैं कि भाजपा और उनके वित्तीय मामलों का खुलासा भारत की जनता के सामने हो जाएगा। इसीलिए प्रधानमंत्री घबरा गए और उन्होंने अमेरिका-भारत समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए।
केरल में अब तक की सबसे कॉरपोरेटवादी सरकार
लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि मेरे दोस्तों, वाम मोर्चे के कार्यकर्ताओं, एक सवाल। आप खुद को कम्युनिस्ट सरकार कहते हैं। कृपया मुझे बताएं कि आज केरल में आपकी सरकार में कम्युनिस्ट क्या है? यह केरल की अब तक की सबसे कॉरपोरेटवादी सरकार है… दरअसल, मेरे पास उनके लिए एक सुझाव है। आपका नाम कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया है। इसे बदलकर कॉरपोरेटिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया कर दीजिए। कम से कम अपने कहे अनुसार तो खड़े रहिए।
भारत को सही नीतियां और दूरदृष्टि दी जाए तो वह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में चीन से प्रतिस्पर्धा कर सकता है
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कहा कि सैन्य और युद्धक उपकरण तेजी से इलेक्ट्रिक मोटरों की ओर बढ़ रहे हैं, जिन पर चीन का दबदबा है। तिरुवनंतपुरम के टेक्नो पार्क में आईटी जगत के लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर भारत को सही नीतियां और दूरदृष्टि दी जाए, तो वह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में चीन से प्रतिस्पर्धा कर सकता है। रूस-यूक्रेन और ईरान संघर्षों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अगर आप यूक्रेन जाएं और युद्धक्षेत्र में जो हो रहा है उसे देखें, तो आप पाएंगे कि ड्रोन आंतरिक दहन इंजनों को पूरी तरह से खत्म कर रहे हैं। ईरान में, आप देखेंगे कि सैन्य क्षेत्र बैटरी ऑप्टिक्स और इलेक्ट्रिक मोटर की ओर बढ़ रहा है। इन तकनीकों पर किसका दबदबा है? चीन का। यह हमारे लिए एक बड़ी समस्या है क्योंकि हम ही एकमात्र ऐसे देश हैं जो यह बदलाव ला सकते हैं। सही नीतियों और दूरदृष्टि के साथ, भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में चीन से प्रतिस्पर्धा कर सकता है।
संसद में पश्चिम एशिया संकट पर हंगामा, विपक्ष ने उठाए सवाल, विदेश मंत्री का जवाब
नारेबाजी पर भडक़े रिजिजू, खरगे व जयराम नेे सरकार को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का सोमवार से दूसरा चरण शुरू हो गया है। इसके भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के पहले दिन लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर लोकसभा में बयान दिया।
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह तय करने की कोशिश कर रहा है कि भारत को तेल किस देश से खरीदना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा विषय है। लोकसभा में पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने विपक्षी सांसदों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और हंगामा न करें।
संवाद और कूटनीति से ही समाधान संभव : जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान में चल रहे संघर्ष पर सदन को जानकारी देना शुरू किया। हालांकि, विपक्ष के सांसदों ने लगातार वी वॉन्ट डिस्कशन के नारे लगाते हुए हंगामा जारी रखा। जयशंकर ने कहा प्रभावित देशों से हम संपर्क कर रहे है। संवाद और कूटनीति से ही समाधान संभव है।
खरगे ने पूरे मामले पर रखी अपनी बात
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मैं सदन में नियम 176 के तहत विषय पर शॉर्ट ड्यूरेशन डिस्कसन का अनुरोध कर रहा हूं। पश्चिमी एशिया में तेजी से बदल रही जियो पॉलिटिकल सिचुएशन अब वहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर भी पड़ रहा है। साथ ही, इसका असर भारत की साख और छवि पर भी हो रहा है।
विदेश मंत्री का बयान पर्याप्त नहीं, पश्चिम एशिया पर तत्काल चर्चा हो : जयराम
कांग्रेस ने सोमवार को पश्चिम एशिया संकट पर संसद में विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर असंतोष जताते हुए कहा कि इस मामले पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया गया, जिसके बाद विपक्ष को वॉकआउट करना पड़ा। जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि जैसा कि अपेक्षित था, विदेश मंत्री ने राज्यसभा में स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए वक्तव्य दिया, जिस पर कोई प्रश्न नहीं पूछा जा सकता या स्पष्टीकरण नहीं मांगा जा सकता। संपूर्ण विपक्ष पश्चिम एशिया के हालात पर तत्काल चर्चा चाहता था। इसे अस्वीकार कर दिया गया और इसलिए विपक्ष ने विरोध के बाद वॉकआउट कर दिया।
केजरीवाल, सिसोदिया समेत 23 लोगों को नोटिस जारी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई हो रही है। दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया था।
सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पक्ष रखा। दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े केस की सुनवाई से रोक दिया है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट में चल रही ईडी मामले की कार्यवाही को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक कि सीबीआई की इस याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। वहीं, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के स्टेटमेंट पर भी रोक लगाई। मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया गया। आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल मनीष सिसोदिया या अन्य किसी भी आरोपी के तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ था। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। एसजी तुषार मेहता ने हाई कोर्ट में कहा कि यह मामला पूरी तरह से भ्रष्टाचार का है, इस मामले में आरोपियों द्वारा कुल 170 फोन नष्ट किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान जिस समय पूरा देश लॉकडाउन में था और आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंध था उस समय रिश्वत लेने देने के लिए प्राइवेट जेट तक का इस्तेमाल किया गया।
ट्रायल कोर्ट के आदेश में अप्रूवर दिनेश अरोड़ा के बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। दिनेश अरोड़ा इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह है। उन्होंने बताया है कि मीटिंग्स में क्या हुआ। दिनेश अरोड़ा के बयानों को आरोप तय करने के स्टेज पर स्वीकार किए जाने चाहिए। सीबीआई ने अपनी 974 पेज की लंबी याचिका में निचली अदालत के फैसले को चौंकाने वाला और गैरकानूनी करार दिया है। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और जांच में सामने आए तथ्यों पर सही से विचार नहीं किया। याचिका में दावा किया गया है कि आबकारी नीति में साजिश रचकर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का मामला स्पष्ट था, लेकिन निचली अदालत ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
इंडिगो फ्लाइट में सवा घंटे फंसे रहे यूपी के दोनों उप मुख्यमंत्री
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ से कोलकाता जाने वाली इंडिगो विमान में सवा घंटे यूपी के दोनों डिप्टी सीएम फंसे रहे। तकनीकी खराबी के कारण दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक यात्रियों के साथ फ्लाइट में ही फंसे रहे।
करीब एक घंटा 20 मिनट बाद तकनीकी खराबी दूर होने के बाद फ्लाइट कोलकाता के लिए रवाना हुई। सोमवार को इंडिगो की विमान संख्या 6ई505 सुबह 7:40 पर कोलकाता के लिए रवाना होनी थी। तकनीकी खराबी के कारण 8:59 पर कोलकाता के लिए हुई रवाना। दोनों डिप्टी सीएम पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए आज कोलकाता पहुंचे हैं। आधिकारिक पुष्टि अभी नही हुई है।
बंगाल में राष्ट्रपति दौरे को लेकर मचा घमासान
भाजपा व टीएमसी में छिड़ी जुबानी जंग, सीएम ममता बोलीं- भाजपा कर रही है देश के सबसे बड़े पद का अपमान
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सिलीगुड़ी यात्रा पर हुए विवाद पर टीमएसी व भाजपा में जुबानी जंग तेज हो गई है। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर राष्ट्रपति के पद का अपमान करने को आरोपल गाया है। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रोटोकॉल उल्लंघन से इनकार करते हुए कहा कि प्रशासन ने आयोजकों की खामियों के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था।
उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान और दुरुपयोग कर रही है। बनर्जी के अनुसार, राष्ट्रपति सचिवालय की अग्रिम टीम ने 5 मार्च को कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और उन्हें व्यवस्थाओं की कमी से अवगत कराया गया, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित समय पर ही जारी रहा। उन्होंने आगे कहा कि माननीय का स्वागत और विदाई सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के डीएम और सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त कार्यालय के सीपी द्वारा राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा साझा की गई अनुमोदित सूची के अनुसार ही की गई। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सूची या मंच योजना का हिस्सा नहीं थी। जिला प्रशासन की ओर से किसी भी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ।
पीएम मोदी बोले- राष्ट्रपति का अपमान देश नहीं भूलेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महिला दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे में प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इसे नारी शक्ति और आदिवासी समाज का घोर अपमान बताया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कल बंगाल में जो हुआ, वह देश की राष्ट्रपति का घोर अपमान है। उन्होंने कहा कि टीएमसी ने न केवल राष्ट्रपति बल्कि पूरे आदिवासी समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं हुआ : ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू की सिलीगुड़ी में आयोजित नौवें अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी संताल सम्मेलन की हालिया यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया गया था। एक बयान में बनर्जी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संताल परिषद ने राष्ट्रपति को सिलीगुड़ी में आयोजित नौवें अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी संताल सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि उन्नत सुरक्षा समन्वय के बाद, जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति सचिवालय को लिखित रूप में सूचित किया कि आयोजक की तैयारी अपर्याप्त प्रतीत होती है; यह चिंता टेलीफोन पर भी व्यक्त की गई थी।
भाजपा अपने दलीय एजेंडे के लिए देश के सर्वोच्च पद का दुरुपयोग कर रही
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने दलीय एजेंडे के लिए देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान और दुरुपयोग कर रही है, और इस स्थिति को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने दलीय एजेंडे के लिए देश के सर्वोच्च पद का अपमान और दुरुपयोग कर रही है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।



