संतरा सर्दियों में है सेहत का सुरक्षा कवच

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
सर्दियों का मौसम आते ही ठंड, कोहरा और तापमान में गिरावट के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल बुखार और गले से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ एक ही सलाह देते हैं—खानपान में सावधानी और मौसमी फलों का अधिक सेवन। सर्दियों में उपलब्ध मौसमी फलों में संतरा एक ऐसा फल है, जिसे सेहत का सबसे भरोसेमंद और सस्ता साथी माना जाता है। बाजारों में आसानी से मिलने वाला यह फल स्वाद के साथ-साथ शरीर को अंदर से मजबूत बनाने का काम करता है। आधुनिक जीवनशैली में खानपान की आदतें तेजी से बदली हैं। अब हर मौसम में हर फल उपलब्ध है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी फल ही शरीर के लिए सबसे अधिक लाभकारी होते हैं। सर्दियों में उगने वाले फल स्वाभाविक रूप से शरीर को ठंड से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। संतरा इसी श्रेणी में आता है। नवंबर से फरवरी के बीच मिलने वाला यह फल सर्दियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है।
दिल का रखे ख्याल
आज के समय में हृदय रोग एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुके हैं। गलत खानपान, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं। संतरा दिल की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करता है, जबकि फ्लेवोनॉयड्स खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होते हैं। नियमित रूप से संतरा खाने से हृदय रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है।
पाचन तंत्र को रखे सक्रिय
सर्दियों में कम पानी पीने और भारी भोजन के कारण कब्ज और अपच जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। संतरे में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है। यह आंतों की सफाई में सहायक होता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करता है। विशेषज्ञ सुबह या दोपहर में संतरा खाने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दिन में एक या दो संतरे खाना पर्याप्त होता है।
वजन बढऩे से रोके
सर्दियों में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिससे वजन बढऩे का खतरा रहता है। संतरा कम कैलोरी वाला फल है और इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट देर तक भरा रहता है। डायट विशेषज्ञों का मानना है कि संतरा वजन नियंत्रण के लिए एक बेहतर विकल्प है। जब महंगे सप्लीमेंट्स और दवाइयों पर निर्भरता बढ़ रही है, ऐसे समय में संतरा जैसे प्राकृतिक और सस्ते फल की अहमियत और भी बढ़ जाती है।
इम्यूनिटी करे मजबूत
सर्दियों में सबसे ज्यादा असर इम्यून सिस्टम पर पड़ता है। ठंडे मौसम के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है, जिससे वायरल संक्रमण जल्दी पकड़ लेता है। विटामिन सी शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं की सक्रियता बढ़ाता है। यही कोशिकाएं संक्रमण से लडऩे का काम करती हैं। संतरे का नियमित सेवन शरीर को प्राकृतिक रूप से बीमारियों से लडऩे के लिए तैयार रखता है। डॉक्टरों का मानना है कि सर्दियों में संतरा खाने वाले लोगों में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण की संभावना तुलनात्मक रूप से कम होती है।
पोषण का है स्रोत
संतरा विटामिन सी का प्रमुख प्राकृतिक स्रोत है। इसके अलावा इसमें फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम, फोलेट और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। एक मध्यम आकार का संतरा रोजाना शरीर को आवश्यक विटामिन सी की बड़ी मात्रा उपलब्ध करा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, संतरे में मौजूद पोषक तत्व शरीर की कोशिकाओं को मजबूत करते हैं और बीमारियों से लडऩे की क्षमता बढ़ाते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य रखे सही
सर्दियों में दिन छोटे होने और धूप कम मिलने के कारण कई लोगों को आलस्य और उदासी महसूस होती है। इसे मौसमी अवसाद भी कहा जाता है। संतरे में मौजूद पोषक तत्व मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डालते हैं। विटामिन सी तनाव हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे मूड बेहतर रहता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। संतरा सर्दियों का एक ऐसा मौसमी फल है जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखता है। यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद करता है।
त्वचा के लिए लाभकारी
ठंड के मौसम में त्वचा का रूखा और बेजान होना आम समस्या है। संतरे में मौजूद विटामिन सी त्वचा के लिए लाभकारी माना जाता है। यह कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जिससे त्वचा में लचीलापन बना रहता है। नियमित रूप से संतरा खाने से त्वचा की प्राकृतिक चमक बनी रहती है और समय से पहले झुर्रियां पडऩे की संभावना कम होती है।



