ट्रंप की साख हुई राख, 27 वें दिन भी बमबारी
अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा- युद्ध रोकने को लेकर बातचीत जारी, ईरान की ओर से संघर्ष विराम से इनकार

शांति बहाली के कोशिश में उपराष्ट्रपति वेंस
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। ईरान से छिड़ी जंग अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहीं है। ये लड़ाई अब 27वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से दावा किया है कि तेहरान के शीर्ष नेतृत्व के साथ युद्ध रोकने को लेकर बातचीत जारी है।
हालांकि, ईरान की ओर से संघर्ष विराम को लेकर बातचीत से इनकार किया गया है। युद्ध रोकने के दावों और इनकार की इस हुज्जत में ट्रंप की इज्जत दांव पर लग गई है। वहीं, कई अंतराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी गई हैं। इसे आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता करने जा सकते हैं।

ईरान ने क्षेत्रीय देशों को दी सख्त चेतावनी
ईरान ने क्षेत्रीय देशों को सख्त चेतावनी दी है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने कहा कि अगर कोई भी क्षेत्रीय देश ईरान के दुश्मनों के साथ मिलकर ईरान के किसी द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश करेगा तो उसकी महत्वपूर्ण इंफ्र ास्ट्रक्चर बिना किसी सीमा के निशाने पर होगी। कालिबाफ ने अरबी भाषा में एक्स पर लिखा, कुछ जानकारी के अनुसार, ईरान के दुश्मन एक क्षेत्रीय देश की मदद से हमारे एक द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं। हमारे सशस्त्र बल हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। अगर कोई कदम उठाया गया तो उस क्षेत्रीय देश की सारी महत्वपूर्ण सुविधाएं बिना रुके और बिना किसी सीमा के हमारा निशाना बनेंगी।
ईरान को अमेरिका के अधिकारियों पर भरोसा नहीं
ईरानी अधिकारियों ने साफ किया कि पिछली बार इन नेताओं के साथ बातचीत के कुछ ही समय बाद तेहरान पर सैन्य हमले शुरू हो गए थे। ईरान की ओर से इन अधिकारियों पर भरोसा नहीं जताया गया है। वहीं, जेडी वेंस पहले से ही मध्य पूर्व के संघर्षों में अमेरिका के उलझने के खिलाफ साफ रुख अपनाते रहे हैं। ईरान का मानना है कि जेडी वेंस इस युद्ध को जल्द खत्म कराने में व्यावहारिक और अहम भूमिका निभा सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की ओर से इस संभावित बैठक में संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलिबाफ वार्ता का नेतृत्व कर सकते हैं।
पाकिस्तान जा सकते हैं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस सप्ताह के अंत तक पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं, ताकि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध को खत्म करने का रास्ता निकालने पर चर्चा की जा सके। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई है। दरअसल खबरें आईं कि ईरान के प्रतिनिधियों ने ट्रंप सरकार से कहा कि वे दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर के साथ फिर से बातचीत शुरू नहीं करना चाहते। इसके बाद इस्लामाबाद ने जेडी वेंस का नाम आगे बढ़ाया है। हालांकि इस बीच व्हाइट हाउस ने कहा है कि उपराष्ट्रपति की भूमिका बातचीत में ज्यादा सक्रिय होने वाली नहीं है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने को कहामुझे नहीं लगता कि कुछ भी बदला है।
ईरान ने 70 से ज्यादा इजरायली ठिकानों पर प्रिसीजन गाइडेड मिसाइलें दागीं
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉपर्स (आईआरजीसी) ने जवाबी कार्रवाई का नया रिकॉर्ड बनाया है। आईआरजीसी ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 81वीं लहर में 70 से ज्यादा इजरायली ठिकानों पर प्रिसीजन गाइडेड मिसाइलें दागीं। पब्लिक रिलेशंस विभाग ने बयान जारी कर कहा कि एमाद, कियाम, खोर्रमशहर-4 और कद्र मिसाइलों से हाइफा, दिमोना, हाइफा के पास अल-खुद्रिय्या और तेल अवीव के उत्तर व दक्षिण इलाकों को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी का दावा है कि पिछले तीन हमलों के बाद इजरायल के हताहतों की संख्या अब 2,500 से ज्यादा हो चुकी है।
खार्ग द्वीप की ट्रंप की कब्जे वाली रणनीति से भडक़ा तेहरान
ईरान ने अपने सबसे अहम खार्ग द्वीप को एक अभेद्य किले में तब्दील करना शुरू कर दिया है। यह वही द्वीप है जिसे कब्जाने की योजना ट्रम्प प्रशासन बना रहा है। ईरान ने यहां न केवल भारी तादाद में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात किए हैं, बल्कि अमेरिकी सैनिकों के लिए घातक जाल भी बिछाए हैं। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के हवाले से जानकारी मिली है कि ट्रंप प्रशासन इस छोटे से द्वीप पर जमीनी कार्रवाई करने और इसे अपने नियंत्रण में लेने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। खार्ग द्वीप ईरान के लिए किसी गोल्डन डक से कम नहीं है, क्योंकि ईरान के कुल कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90प्रतिशत हिस्सा यहीं से होकर गुजरता है। अमेरिका का मानना है कि इस द्वीप को कब्जे में लेकर वह ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फिर से खोलने के लिए मजबूर कर सकता है और इसे सौदेबाजी के लिए एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
ट्रंप सलाहकारों से बोले- समाधान खोजें!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जंग खत्म करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अपने शीर्ष सलाहकारों को निर्देश दिया है। ट्रंप ने कहा है कि किसी भी हाल में कुछ हफ्तों के भीतर सैन्य संघर्ष को खत्म करने का रास्ता निकालें। ट्रंप अब इस लंबी खिंचती लड़ाई को और खींचने के मूड में नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप अब इस लंबी खिंचती लड़ाई को और खींचने के मूड में नहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रैंड डील के जरिए इस अध्याय को बंद करना चाहते हैं।
ईरान ने बिछाया बारूदी सुरंगों का जाल
अमेरिका की इस संभावित योजना की भनक लगते ही ईरान ने खार्ग द्वीप की सुरक्षा को कई परतों में बांट दिया है। सूत्रों का कहना है कि ईरानी सेना ने द्वीप के चारों ओर और विशेष रूप से समुद्र तट पर भारी मात्रा में एंटी-पर्सनल और एंटी-आर्मर माइन्स (बारूदी सुरंगें) बिछा दी हैं। यह वही इलाका है जहां अमेरिकी सेना अपने उभयचर वाहन उतार सकती है।
अमेरिका-इजरायल ने शिराज में मिसाइल बेस को बनाया निशाना
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी शहर शिराज में एक बड़े मिसाइल बेस को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक किए जाने की खबर सामने आई है। एक अमेरिकी थिंक टैंक/संस्थान के अनुसार, इन हमलों में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को टारगेट किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बेस ईरान के प्रमुख मिसाइल इन्फ्र ास्ट्रक्चर का हिस्सा माना जाता है, जहां मिसाइलों का निर्माण, भंडारण या संचालन किया जाता था। पहले भी इस क्षेत्र में ऐसे सैन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमलों का मकसद ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना और क्षेत्र में उसकी सैन्य ताकत को सीमित करना है। हालांकि, हमले से हुए नुकसान और हताहतों को लेकर आधिकारिक तौर पर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।



