संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पर तकरार जारी
ओवैसी ने लगाए संविधान उल्लंघन के आरोप, कांग्रेस सांसद गोगोई ने लोस में मतदाता सुधार के मुद्दे पर चर्चा की मांग की
कल पेश किया जायेगा बिल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर माहौल गर्म है। संसद में भी विपक्ष ने एनडीए सरकार को घेरा है। मोदी सरकार कल यानी 2 अप्रैल को संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। आज भी इस मुद्दे पर संसद में हंगामा हुआ। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में मतदाता सुधार के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है और मतदाता फोटो पहचान पत्र की पुष्टि के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा का इतिहास जिस तरह के फैसलों से भरा है, उससे जो परिणाम भाजपा चाहती थी वह नहीं आए। भाजपा का हर फैसला वोट के लिए होता है… समाजवादी पार्टी वक्फ बिल के खिलाफ है… वे(भाजपा) पूरा नियंत्रण अपने पास चाहते हैं… इस देश ने वह समय भी देखा है जब प्रशासन के गलत फैसले के कारण भारत की संस्कृति और भाईचारे के खिलाफ खाई पैदा की गई है। वह कहते थे कि हम(विपक्ष) तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं, क्या वे(भाजपा) ईद पर किट बांटकर तुष्टीकरण नहीं कर रहे हैं?
ये बिल अनुच्छेद 14, 25, 26, 29 का गंभीर उल्लंघन : ओवैसी
वक्फ संशोधन विधेयक पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ये वक्फ बिल असंवैधानिक है। ये बिल अनुच्छेद 14,25,26,29 का गंभीर उल्लंघन है। ये वक्फ बिल नहीं है बल्कि ये वक्फ बर्बाद बिल है। ये सब इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इसका एक ही मकसद है मुसलमानों से नफरत, जो बाते दूसरे समुदायों के लिए सही हैं वह यहां कैसे गलत हो सकती हैं?
सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडऩे की योजना : राम गोपाल यादव
वक्फ संशोधन विधेयक पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, इस देश में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडऩे के लिए योजना बनाई गई थी, इसे(वक्फ संशोधन बिल) बनाया गया और जल्दी और जबरदस्ती से इसे जेपीसी में पास करवाया गया। विपक्ष को एक दिन पहले 1000 पन्नों की रिपोर्ट पढऩे के लिए दी गई थी जिसे पढऩे का भी मौका नहीं मिला… भाजप जब से सत्ता में आई है उसका उद्देश्य रहा है कि कैसे इस देश में आपसी सद्भाव बिगड़े।
जेपीसी ने नहीं माना संशोधन : प्रमोद तिवारी
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, वक्फ पर हमारा(कांग्रेस) बहुत साफ रुख है। जेपीसी जब बनी थी तो हमने अपने सारे संशोधन रख दिए थे लेकिन वहां उसे माना नहीं गया था। जब यह(वक्फ संशोदन बिल) सदन में आएगा तो हम वैसे ही अपने विचार रखेंगे जैसे जेपीसी में रखे थे।
वक्फ गरीब मुसलमानों के स्वप्न को पूरा करने के लिए : शर्मा
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने वक्फ (संशोधन)विधेयक पर कहा, वक्फ गरीब मुसलमानों के लिए स्वप्न को पूरा करने जैसा है। यह उनकी बद्हाली की अवस्था को ठीक करने वाला बिल है… इस बिल में किसी भी वक्फ की एक इंच जमीन को न तो सरकार ले रही है और न ही कोई और ले रहा है… किसी को भी न्यायालय में अपनी बात, अपना पक्ष रखने का अधिकार होगा, यदि कोई इस संशोधन का विरोध करता है तो मैं समझता हूं कि वे संविधान का विरोधी है और भीम राव अंबेडकर का विरोध करने वाला है।
वक्फ संशोधन विधेयक 2013 में भी पेश हो चुका है : संजय झा
जदयू सांसद संजय झा ने वक्फ संशोधन विधेयक पर कहा, नीतीश कुमार पिछले 19 वर्षों से बिहार में काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लिए जो काम किया है वह भी सामने है। वक्फ बिल पहली बार नहीं आ रहा है। पहले भी 2013 में संशोधित बिल आया था। सबसे बड़ा दंगा, भागलपुर दंगा कांग्रेस के समय में हुआ था और उसके बाद राजद की सरकार थी। उस दौरान किसी भी पीड़ित को न्याय नहीं मिला था। नीतीश कुमार आए जिसके बाद सबको न्याय मिला। नीतीश कुमार की राजनीति जब तक है लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी।
अपतटीय खनन निविदाओं को तत्काल रद्द करे सरकार: राहुल
नेता प्रतिपक्ष बोले- कोई भी निर्णय लेने से पहले व्यापक पर्यावरणीय और सामाजिक आर्थिक अध्ययन हो
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहलु गांधी ने सरकार से आग्रह किया कि वह अपतटीय खनन निविदाओं को तत्काल रद्द करे और आगे कोई भी निर्णय लेने से पहले व्यापक पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक अध्ययन करे। उन्होंने हितधारकों, विशेष रूप से मछुआरों के साथ अधिक परामर्श करने का भी आह्वान किया, जिनकी आजीविका सीधे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है।
उन्होंने प्रकाश डाला वास्तव में, केरल विश्वविद्यालय के जलीय जीव विज्ञान और मत्स्य पालन विभाग की समुद्री निगरानी प्रयोगशाला (एमएमएल) के चल रहे सर्वेक्षण में पाया गया कि अपतटीय खनन मछली प्रजनन पर विनाशकारी प्रभाव डाल सकता है, खासकर कोल्लम में।
राहुल गांधी ने केरल में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। राहुल ने रेडियो जॉकी जोसेफ अन्नमकुट्टी जोस, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट आदित्य रविंद्रन और होम्योपैथिक चिकित्सक फातिमा असला के साथ इस मामले पर चर्चा करते हुए एक वीडियो साझा किया। रविंद्रन ने इस निराशाजनक स्थिति को संक्षेप में इस प्रकार बताया- यदि आप युवाओं के दिमाग में उम्मीद नहीं भरते हैं, तो वे अपनी नसों में नशा भर लेंगे – राहुल ने कहा कि राज्य में यह मुद्दा एक मुकाबला तंत्र बन गया है।
नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम 2023 को कड़ी आपत्तियों का सामना करना पड़ा। इसके प्रभाव के किसी भी कठोर आकलन के बिना निजी खिलाडिय़ों के लिए अपतटीय खनन ब्लॉक खोलना चिंताजनक था। अध्ययन इसके प्रतिकूल प्रभावों की ओर इशारा करते हैं, जिसमें समुद्री जीवन के लिए खतरा, प्रवाल भित्तियों को नुकसान और मछली स्टॉक की कमी शामिल है। इस पृष्ठभूमि के खिलाफ। जब खान मंत्रालय ने 13 अपतटीय ब्लॉकों के लिए लाइसेंस देने के लिए निविदाएं आमंत्रित कीं, तो इस मनमाने कदम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
13 ब्लॉकों में कोल्लम के तट पर खनन निर्माण रेत के लिए तीन ब्लॉक हैं – एक महत्वपूर्ण मछली प्रजनन आवास, और ग्रेट निकोबार द्वीप समूह के तट पर पॉलीमेटेलिक नोड्यूल के लिए तीन ब्लॉक – एक समुद्री जैव विविधता हॉटस्पॉट।
पीएम मोदी को कांग्रेस सांसद ने लिखा पत्र
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केरल, गुजरात और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के तटों पर अपतटीय खनन की अनुमति देने वाली निविदाओं को रद्द करने की मांग की है। इसके अलावा अब कांग्रेस के लोकसभा सांसदों को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे। 29 मार्च को, विपक्ष के नेता ने केरल, गुजरात और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के तटों पर अपतटीय खनन की अनुमति देने के केंद्र सरकार के फैसले का कड़ा विरोध किया था, इसे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और तटीय समुदायों की आजीविका के लिए खतरा बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में, गांधी ने अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2023 की आलोचना की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसके पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर चिंताओं के कारण इसे कड़ी आपत्तियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि अपतटीय खनन ब्लॉकों को निजी खिलाडय़िों के लिए खोलने का निर्णय कठोर पर्यावरणीय मूल्यांकन या हितधारकों के साथ परामर्श के बिना लिया गया था।
तमिल और तेलुगु को लेकर मचा कोहराम
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। इस समय राजनीति में उत्तर दक्षिण देखने को मिल रहा हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन आमने सामने हैं। काफी समय से दोनों के बीच जुबानी जंग चल रही हैं। ताजा बयान बाजी तीन-भाषा नीति पर हो रही है। योगी आदित्यनाथ ने डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तीन-भाषा नीति पर विवाद स्वार्थी राजनीतिक हितों के लिए बनाया जा रहा है, जो युवाओं के रोजगार के अवसरों को नुकसान पहुंचाएगा।
एक साक्षात्कार में, आदित्यनाथ ने कहा कि तमिल और तेलुगु जैसी भाषाएं भी यूपी के स्कूलों में पढ़ाई जाती हैं, और इससे केवल अधिक नौकरियों का सृजन हुआ है। अपने ताज इंटरव्यू में भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ ने कहा “यूपी में, हम तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बंगाली और मराठी पढ़ा रहे हैं, तो क्या इसके कारण यूपी छोटा हो गया है? यूपी में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, नौकरियां पैदा हो रही हैं। डीएमके सरकार पर अपने हमले को तेज करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा, “जो लोग अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के कारण इस भाषा विवाद को पैदा कर रहे हैं, वे अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा कर सकते हैं, लेकिन वे एक तरह से युवाओं के रोजगार पर हमला कर रहे हैं।
हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास बुलडोजर एक्शन से तनाव
हिरासत में लिए गए बीजेपी के 2 विधायक
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
हैदराबाद। हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा जारी विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दो विधायकों को हिरासत में लिया गया है। छात्रों ने परिसर से पुलिस कर्मियों और बुलडोजरों को हटाने की मांग की है। हिरासत में लिए गए विधायकों की पहचान पायल शंकर और महेश्वर रेड्डी के रूप में हुई है। छात्रों द्वारा बुलडोजरों को देखने के बाद विरोध प्रदर्शन और बढ़ गया।
जानकारी के अनुसार, कुछ लोग मशीनों पर चढ़ गए, पुलिस के खिलाफ नारे लगाए और उनसे चले जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुल 53 छात्रों को हिरासत में लिया। एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि छात्रों को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डाली और पुलिस कर्मियों पर हमला भी किया। हैदराबाद के आईटी कॉरिडोर में स्थित कांचा गाचीबोवली गांव में 400 एकड़ जमीन को लेकर तेलंगाना में एक बड़ा राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।
गुजरात में भीषण ब्लास्ट से स्लैब उड़े, 17 की मौत
बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में हुआ हादसा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गांधीनगर। गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा कस्बे में मंगलवार (1 अप्रैल) को एक पटाखा फैक्ट्री में आग लग जाने से 17 लोगों की मौत हो गई। आग की सूचना के बाद फायर ब्रिगेड के साथ एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू के लिए पहुंची। यह हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ। फैक्ट्री धुनवा रोड पर स्थित है।
डीसा ग्रामीण पुलिस थाने के निरीक्षक विजय चौधरी ने बताया कि कस्बे के निकट स्थित फैक्ट्री में आग लगने के बाद हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के कारण उसके कुछ हिस्से ढह जाने से कई श्रमिक फंस गए। वहीं बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने कहा, आज सुबह हमें डीसा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े विस्फोट की सूचना मिली। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। कई घायल मजदूरों को अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री का स्लैब ढह गया। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम का मलबा 200 मीटर दूर तक उछला। मृत श्रमिकों के अंग दूर-दूर तक बिखर गए. आग कांड के बाद जेसीबी की मदद से मलबा को हटाया गया।
गोदाम में केवल भंडारण की अनुमति थी, जबकि यहां गोदाम के नाम पर पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। दावा है कि गोदाम में बॉयलर के कारण भीषण आग लग गई। गोदाम में विस्फोट के बाद मालिक फरार हो गया। डीसा जीआईडीसी अग्नि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ भी सकती है, क्योंकि संदेह है कि दुर्घटना के समय 20 से अधिक लोग मौजूद थे. अब तक 17 शव बरामद किए गए हैं, 4 लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कटक शॉपिंग मॉल में लगी आग, कोई हताहत नहीं
इस बीच मंगलवार को ओडिशा के कटक में एक शॉपिंग मॉल में आग लग गई, जिसमें लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर राख हो गया। बाद में दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन संदेह है कि एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी।