चैतर वसावा ने खोली सरकार की पोल, गुजरात मॉडल पर उठे बड़े सवाल
70 सालों तक पानी के लिए तरसता रहा गांव... लेकिन सरकारों ने सिर्फ वादे किए... अब चैतर वसावा ने गुजरात मॉडल पर...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः नर्मदा जिले के चिकदा तालुका के तुमडावाड़ी गांव की कहानी आजादी के 79 साल बाद भी विकास की असली तस्वीर दिखाती है.. यह गांव आज भी पानी, सड़क, स्कूल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है.. लेकिन हाल ही में जब आम आदमी पार्टी की सत्ता चिकदा तालुका पंचायत में आई.. तो स्थिति में कुछ बदलाव दिखने लगा.. स्थानीय लोगों और AAP नेताओं का कहना है कि.. लंबे समय से उपेक्षित इस गांव में अब कुछ उम्मीद की किरण नजर आ रही है..
चिकदा तालुका के तुमडावाड़ी गांव में करीब 600 की आबादी है.. और लगभग 150 घर हैं.. यह आदिवासी बहुल इलाका है.. आजादी के बाद इतने साल बीत जाने के बावजूद यहां पीने का साफ पानी नहीं है.. ग्रामीण नालों का दूषित पानी पीने को मजबूर थे.. इससे बीमारियां फैलती रहती थीं.. महिलाएं और बच्चे दूर-दूर से पानी लाने जाते थे..
हालांकि, AAP के चिकदा तालुका पंचायत में सत्ता में आने के तुरंत बाद नवनियुक्त प्रमुख रमेशभाई ने खुद गांव पहुंचकर समस्या का जायज़ा लिया.. उन्होंने बोरवेल की गाड़ी मंगवाई और गांव में पीने के पानी के लिए बोरिंग करवाई.. यह कदम गांव वालों के लिए राहत भरा था.. AAP विधायक चैतर वसावा ने इस मुद्दे को उठाकर सरकार की पोल खोली है.. उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकार आदिवासी इलाकों में बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर पाई..
तुमडावाड़ी गांव की समस्याएं सिर्फ पानी तक सीमित नहीं हैं.. यहां सड़क की सुविधा बेहद खराब है.. गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंची है.. बारिश के मौसम में कीचड़ भरा रास्ता इतना खराब हो जाता है कि.. गाड़ियां नहीं आ पातीं.. इस वजह से 108 एम्बुलेंस सेवा भी गांव तक नहीं पहुंच पाती.. अगर कोई गंभीर बीमार पड़ जाए तो उसे अस्पताल ले जाना बहुत मुश्किल हो जाता है..
शिक्षा की स्थिति और भी चिंताजनक है.. गांव में करीब 70 से 80 बच्चे स्कूल जाने की उम्र के हैं.. लेकिन यहां कोई स्कूल नहीं है.. करीब 30 छोटे बच्चे आंगनवाड़ी में जाने लायक हैं.. पर आंगनवाड़ी केंद्र भी नहीं है.. बच्चे पढ़ाई से वंचित रह रहे हैं.. माता-पिता को बच्चों को दूर के गांव भेजना पड़ता है.. जो आर्थिक बोझ भी बढ़ाता है..
बिजली की समस्या भी गंभीर है.. कई घरों में अभी भी बिजली कनेक्शन नहीं है.. लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है.. इससे रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित होती है.. सरकारी दस्तावेज़ों की कमी भी बड़ी समस्या है.. गांव में सिर्फ 41 लोगों के आधार कार्ड बने हैं.. कई परिवारों के पास राशन कार्ड तक नहीं हैं.. जिससे उन्हें सस्ता अनाज नहीं मिल पाता.. सिर्फ 8 लोगों के पास वोटर आईडी कार्ड है.. इससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो जाता है..
AAP के विधायक चैतर वसावा ने इस गांव की समस्या को सार्वजनिक रूप से उठाया.. उन्होंने कहा कि 70 साल बाद भी यह गांव प्यासा है.. गुजरात मॉडल को विकास का प्रतीक बताया जाता है.. लेकिन आदिवासी इलाकों में स्थिति बद से बदतर है.. चैतर वसावा खुद आदिवासी समुदाय से हैं.. और लंबे समय से इन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं.. उन्होंने डेडियापाड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता है.. और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं..
उनके प्रयासों से चिकदा तालुका पंचायत में AAP की जीत हुई.. 2026 के स्थानीय स्वशासन चुनावों में AAP ने चिकदा समेत कई तालुका पंचायतों में अच्छा प्रदर्शन किया.. चैतर वसावा ने कहा कि AAP सत्ता में आते ही काम शुरू कर देती है.. रमेशभाई जैसे नए प्रमुख ने तुरंत पानी की समस्या सुलझाने की कोशिश की..
गुजरात को विकास का मॉडल बताया जाता है.. औद्योगिक विकास, अच्छी सड़कें, बिजली और शहरी सुविधाओं की तारीफ होती रहती है.. लेकिन नर्मदा जैसे आदिवासी जिले में स्थिति अलग है.. यहां कई गांव अभी भी पिछड़े हुए हैं.. लोग पूछते हैं कि जब बड़े-बड़े उद्योग लग रहे हैं.. और शहर तरक्की कर रहे हैं, तो गांवों में पानी.. और स्कूल क्यों नहीं पहुंच रहे..
चैतर वसावा ने कहा कि विकास सिर्फ कुछ इलाकों तक सीमित है.. आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्र उपेक्षित हैं.. नर्मदा जिले में बांध और अन्य प्रोजेक्ट्स हुए.. लेकिन स्थानीय लोगों को फायदा कम मिला.. AAP का कहना है कि असली विकास तभी होगा.. जब हर गांव में बुनियादी सुविधाएं पहुंचें.. दिल्ली और पंजाब में AAP सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा.. और बिजली पर फोकस किया.. वहीं अब गुजरात में भी यही मॉडल लागू करने की कोशिश हो रही है..
AAP के आने के बाद तुमडावाड़ी में जो हुआ.. वह पार्टी की कार्यशैली को दिखाता है.. नवनियुक्त प्रमुख रमेशभाई ने खुद गांव जाकर समस्या सुनी.. बिना देरी के बोरिंग का काम शुरू करवाया.. पार्टी का फोकस बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के ज़रिए समस्याएं जानना.. और तुरंत समाधान निकालना है.. चैतर वसावा ने कहा कि आने वाले दिनों में गांव में सड़क, स्कूल, आंगनवाड़ी और बिजली पहुंचाने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा.. AAP कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से बात कर रहे हैं..



