भागवत के जेन जेड के समर्थन में उतरने पर गरमाई सियासत
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने संघ प्रमुख का दिया साथ

- संघ प्रमुख बोले- लोकतंत्र में सहमति बनाने का एक तरीका विरोध भी है
- नई पीढ़ी हमारी मौजूदा पीढ़ी से ज़्यादा ईमानदार है : मोहन भागवत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने जेन जेड केसमर्थन बोलने पर सियासत गरमा गई है। जहंा कांग्रेस व राजद ने उन पर व भाजपा निशाना साधा वही जेएमएम ने साथ दिया है। संघ प्रमुख ने विरोध-प्रदर्शनों को जायज़ ठहराते हुए कहा कि वे राष्ट्र-विरोधी नहीं, बल्कि हमारी अगली पीढ़ी हैं जिनकी शिकायतें सही हैं। उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की आवश्यकता पर बल दिया, इसे केवल सरकार की नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी बताया। भागवत ने युवाओं की ईमानदारी और उनकी आकांक्षाओं पर गहरा विश्वास व्यक्त किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि उनकी शिकायतें जायज़ हैं और भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार की ज़रूरत है।
हाल ही में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों को राष्ट्र-विरोधी कहे जाने पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि अगर जेन जेड विरोध कर रहा है, तो वे राष्ट्र-विरोधी नहीं हैं। वे हमारे ही लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं। मुझे नहीं लगता कि जेनजेड ऐसी है। मुझे लगता है कि नई पीढ़ी हमारी मौजूदा पीढ़ी से ज़्यादा ईमानदार है, और देशभक्ति व सेवा की सच्ची अपील उन पर असर करती है। भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में, सहमति बनाने का एक तरीका विरोध भी है। कई तरह के विचार सामने आते हैं और बातचीत के ज़रिए सहमति बनती है। अगर अलग-अलग वजहों से बात नहीं सुनी जाती, तो आंदोलन किया जा सकता है। लेकिन ऐसा सहमति बनाने के लिए किया जाना चाहिए, न कि बंटवारा करने के लिए। जहाँ तक त्रद्गठ्र्ठ ं की बात है, हाल ही में जो हुआ – उनकी शिकायत सही है। भारत की शिक्षा व्यवस्था में बहुत कुछ करने की ज़रूरत है, और ऐसा नहीं हो रहा है; इसलिए यह मुद्दा उठाया जा रहा है। तो, सच में बातचीत होनी चाहिए… जेनजेड के बारे में मेरे अनुभव की बात करें तो, जब हम उनकी उम्र के थे, तो हम बड़ों की बात मान लेते थे, कभी सवाल नहीं उठाते थे। भागवत ने कहा कि उन्हें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हालिया टकराव के सही हालात के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन युवाओं पर उनका भरोसा अटूट है।
भागवत से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है : प्रियंका
प्रियंका गांधी ने कहा- उन्हें संघ प्रमुख मोहन भागवत जी से किसी सर्टिफिक़ेट की जरूरत नहीं है। प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस के कई नेताओं ने भी मोहन भागवत पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा- अगर उन्हें जेन ज़ेड की सच में परवाह है, तो उन्हें भारत के गृह मंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए। वरना, उन्हें (केंद्रीय गृह मंत्री को) कम से कम संसद में आकर छात्रों से माफ़ी मांगनी चाहिए। साथ ही, आरएसएस सरकार को नियंत्रित कर रही है। अगर उन्हें छात्रों की सच में परवाह है, तो उन्हें छात्रों पर हुए अत्याचारों की निंदा करनी होगी। पेलेट गन्स का इस्तेमाल किया गया था, और छात्र इसके लिए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वह इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? यह सब बस दिखावा है।
भाजपा अध्यक्ष को समझा आए : मनोज झा
राष्ट्रीय जनता दल ने भागवत के बयान पर राजद ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर भी निशाना साधा है। राजद नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा, ये खबर नितिन नवीन तक पहुंची की नहीं? उन्होंने वायरस बोला था, सवाल ये नहीं है कि आप क्या सोच रहे हैं? सवाल ये है कि आप हताश हैं, आपने उनकी भाषा कॉपी करने की कोशिश की भाव नहीं।
मोहन भागवत ठीक कह रहे हैं : महुआ माजी
भागवत के जेनजेड पर दिए बयान को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भागवत के बयान से सहमति जताई है। मोहन भागवत के बयान पर महुआ माजी ने कहा उन्होंने ने ठीक कहा जो बच्चे प्रदर्शन कर रहे थे वो मजदूर और किसान के बेटे थे वो एंटी नेशनल कैसे हो सकते है। झारखंड में प्रदर्शन पर महुआ माजी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार कार्यवाही कर रही है। कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। लगातार छापे पड़ रहे है, दिल्ली में प्रदर्शन में 25दिन तक सरकार ने छात्रों से बात नहीं की इसके मायने में झारखंड के मुख्यमंत्री ज्यादा संवेदनशील है।



