नेकां में 37० की बहाली के मुद्दे पर बवाल

- रूहुल्ला 3 नवंबर को छोड़ेंगे संसद और पार्टी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
श्रीनगर। अनुच्छेद 37० की बहाली के मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रें स (नेकां) में सियासी बवाल मच गया है। पार्टी के रुख से खफा श्रीनगर से सांसद आगा रूहुल्ला मेहदी पार्टी छोड़ेंगे। नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला की इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लडऩे की खुली चुनौती को सीधे तौर पर स्वीकार करते हुए रूहुल्ला ने ऐलान किया है कि वह तीन नवंबर को संसद और पार्टी दोनों छोड़ देंगे। साथ ही उन्होंने अनुच्छेद 37० पर पार्टी के बदलते रुख को लेकर नेतृत्व से जवाब मांगा है। कहा- मैं झूठ और फरेब का हिस्सा नहीं बन सकता। रूहुल्ला ने तुरंत इस्तीफा न देने का कारण स्पष्ट करते हुए कहा, औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपने से पहले मुझे कुछ जरूरी काम पूरे करने हैं।
मुझे सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत फंड बांटना है। मैंने जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए लडऩे की अपनी कोशिशों के तहत श्रीनगर में एक सम्मेलन की योजना बनाई है। इसमें देश के कुछ सांसदों को आमंत्रित किया गया है। रूहुल्ला के लिए तीन नवंबर का दिन अहम है। इसदिन उनके पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं बरसी है। आगा मेहदी की आतंकियों ने आईईडी विस्फोट में हत्या कर दी थी। रूहुल्ला इस दिन अपने गढ़ बडगाम में एक बड़ी जनसभा करने की योजना बना रहे हैं। जनसभा में वे इस्तीफा पत्र जारी करेंगे और सांसद पद छोडऩे के कारण बताएंगे।
उमर ने छोड़ दी है पार्टी की विचारधारा : रूहुल्ला
रूहुल्ला ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर पार्टी की विचारधारा छोडऩे और खत्म किए गए आर्टिकल 37० के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य दर्जे की बहाली के लिए लडऩे के अपने वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि हम झूठ और धोखे का हिस्सा नहीं बनना चाहते। इस्तीफा देने के बाद रूहुल्ला की योजना सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस का मुकाबला करने और श्रीनगर सीट से ही उपचुनाव लडऩे की है। उन्होंने कहा, एक बार उपचुनावों की घोषणा हो जाने के बाद मैं लोगों से सलाह-मशविरा करूंगा और हो सकता है कि मैं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उपचुनाव लड़ूं।



