सिर्फ 4 साल की उम्र में अर्जुन ने कर दिया कमाल, IQ जानकर रह जाएंगे हैरान

कनाडा में रहने वाले भारतीय मूल के अर्जुन प्रजापति अपनी कम उम्र में पढ़ने की आदत और नई चीजें सीखने की रुचि के कारण चर्चा में हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कनाडा में रहने वाले भारतीय मूल के अर्जुन प्रजापति अपनी कम उम्र में पढ़ने की आदत और नई चीजें सीखने की रुचि के कारण चर्चा में हैं।

बताया जा रहा है कि अर्जुन ने करीब 18 महीने की उम्र में पढ़ना शुरू कर दिया था। अब तक वह 3,000 से ज्यादा किताबें पढ़ चुके हैं। इतनी छोटी उम्र में किताबों के प्रति उनका लगाव लोगों का ध्यान खींच रहा है।

लगभग चार साल की उम्र में हुए मानकीकृत संज्ञानात्मक मूल्यांकन (Standardized Cognitive Assessment) में उनका IQ स्कोर 141 आया, जो उन्हें 99.7वें प्रतिशत पर रखता है. इस प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने हाई IQ संस्थाओं Mensa और Intertel की सदस्यता के लिए भी योग्यता हासिल की. अर्जुन को साइंस, मैथ्स, ह्यूमन बॉडी और एस्ट्रोनॉमी जैसे विषयों में खास दिलचस्पी है.

नई चीजें जानने में गहरा इंटरेस्ट

भारतीय मूल के अर्जुन प्रजापति का जन्म गुजरात के वडोदरा में रहने वाले एक परिवार में हुआ था. अब उनके माता-पिता कनाडा में रहते हैं. अर्जुन की मां महिता प्रजापति के मुताबिक, बचपन से ही उनकी सीखने और नई चीजें जानने में गहरा इंटरेस्ट रहा है. शुरुआत चित्रों वाली किताबों से हुई, जिनकी मदद से उन्होंने अक्षरों को पहचानना सीखा. इसके बाद उनकी मां ने उन्हें साउंड्स और नंबर्स से परिचित कराया.

“एक बार में नौ से दस किताबें पढ़ लेते थे”

परिवार उन्हें रेगुलर रूप से लाइब्रेरी ले जाता था. वहां अर्जुन एक बार में नौ से दस किताबें पढ़ लेते थे. उनके माता-पिता के अनुसार, अब तक वह 3,000 से ज्यादा किताबें पढ़ चुके हैं.

IQ टेस्ट में मिले 141 अंक

करीब चार साल की उम्र में अर्जुन का SB5 टेस्ट से IQ मूल्यांकन किया गया. परिवार के मुताबिक, इसमें उनका फुल स्केल IQ 141 रहा, जो 99.7वें प्रतिशत के बराबर है. उनका नॉन-वर्बल IQ स्कोर 149 दर्ज किया गया. इस प्रदर्शन से अर्जुन ने मेन्सा और इंटरटेल की सदस्यता के मानदंड पूरे किए. ये दोनों संस्थाएं उच्च IQ स्कोर वाले लोगों को सदस्यता देती हैं.

साइंस और बायोलॉजी में खास इंटरेस्ट

अर्जुन को साइंस, तकनीक, मैथ्स, माइक्रो बायोलॉजी और इम्यूनोलॉजी से विषय पसंद हैं. वह काल्पनिक कहानियों के बजाय जानकारी देने वाली किताबें पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं. उन्हें ह्यूमन बॉडी और जेनेटिक्स से जुड़े कई कॉंसेप्टस की भी जानकारी है. वह अपने माता-पिता से गुणसूत्रों (chromosomes) के बारे में भी चर्चा करते हैं.

स्क्रीन से ज्यादा किताबों को देते हैं समय

अर्जुन के माता-पिता ने घर में पढ़ने का माहौल बनाया है. उनकी मां के अनुसार, अर्जुन के सवालों का जवाब देने और उनके साथ नई जानकारियां खोजने की कोशिश की जाती है. परिवार स्क्रीन पर वीडियो देखने के बजाय किताबों और इंडिपेंडेंस एक्टिविटी को प्राथमिकता देता है.

अर्जुन खाने के समय, सोने से पहले और यात्रा के दौरान भी किताबें पढ़ते हैं. अब वह 28 अक्टूबर को कनाडाई विधान सभा के एक सेशन में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं, जहां उनकी क्षमताओं और जिज्ञासा को मान्यता देने के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया है.

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