केंद्र की विदेश नीति बेनकाब : जयराम

  • कांग्रेस नेता ने अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों से लेकर चीन और ईरान संकट से निपटने तक की विफलताओं को गिनाया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र की विदेश नीति पर तीखा हमला करते हुए इसे पूरी तरह बेनकाब बताया और अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों से लेकर चीन और हालिया ईरान संकट से निपटने तक की विफलताओं को गिनाया। एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में रमेश ने कहा कि स्वयंभू विश्वगुरु के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है, भले ही प्रधानमंत्री के समर्थकों ने इस पर कितना भी दिखावा किया हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए हुए है और आतंकी हमलों और क्षेत्रीय तनाव के संदर्भ में की गई टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की। रमेश ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान के साथ अपना प्रेम संबंध जारी रखे हुए हैं और बार-बार उसी व्यक्ति की प्रशंसा कर रहे हैं जिसकी भडक़ाऊ टिप्पणियों ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि तैयार की थी। अमेरिका ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के युद्ध का खुलकर समर्थन भी किया है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रमेश ने कहा कि 2 फरवरी, 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि मोदी के अनुरोध पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप दे दिया गया है और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो रहा है। यह स्पष्ट है कि मोदी का यह एक हताशा भरा कदम था, जिसका उद्देश्य संसद में राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों से ध्यान हटाना था।

ऑपरेशन सिंदूर को ट्रंप के रोकने के दावे पर भी उठाए सवाल

रमेश ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर को रोकने में अमेरिकी नेतृत्व की भूमिका के दावों पर सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री ने इन दावों पर सार्वजनिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कम से कम सौ बार दावा किया है कि उन्होंने भारत के अमेरिकी निर्यात पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी देकर 10 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। लेकिन प्रधानमंत्री राष्ट्रपति ट्रंप के इन दावों पर पूरी तरह से चुप हैं। ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की पहली घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 10 मई, 2025 को शाम 5:37 बजे की थी।

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