गोरखपुर: ‘मातृ सेवा’ अभियान को मिली नई ताकत, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर रहेगा खास फोकस
गोरखपुर में मातृ मृत्यु दर कम करने और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए 'मातृ सेवा' अभियान के तहत डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों का चार दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। हाई रिस्क गर्भावस्था प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जाएगा।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः हर मां का सुरक्षित प्रसव केवल स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए गोरखपुर में मातृ मृत्यु दर कम करने और उच्च गुणवत्ता वाली प्रसव सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों का चार दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम शुरू किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा के निर्देशन में यह प्रशिक्षण वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।
उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों पर रहेगा विशेष फोकस
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रसव संबंधी जटिलताओं की समय रहते पहचान करना, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) का प्रभावी प्रबंधन करना और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में उन सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों को शामिल किया गया है, जहां हर महीने 100 से अधिक प्रसव होते हैं।
‘मातृ सेवा’ अभियान से मिल रहे सकारात्मक परिणाम
डॉ. झा ने बताया कि नियमित फॉलो-अप, बेहतर समन्वय और प्रभावी रेफरल व्यवस्था के जरिए अब तक आधा दर्जन से अधिक उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव कराया जा चुका है। समुदाय स्तर से लेकर जिला स्तर तक लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
निजी अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मी भी होंगे प्रशिक्षित
सीएमओ के अनुसार, आने वाले समय में सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से जिले के लगभग एक दर्जन निजी अस्पतालों के डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए ऐसे निजी अस्पतालों का चयन किया जा रहा है, जहां प्रसव की संख्या अधिक है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह पहल जिले में मातृ मृत्यु दर घटाने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर
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