सर्दी-जुकाम में तुलसी-अजवाइन के पानी का भाप लेने से मिलेगी राहत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम, गले में खराश और नाक का बंद होना एक आम समस्या बन जाती है। ऐसे में इन लक्षणों से तुरंत और प्रभावी राहत पाने के लिए तुलसी और अजवाइन के पानी से भाप लेना एक सदियों पुराना और आजमाया हुआ घरेलू नुस्खा है। इस प्रक्रिया को आयुर्वेद में विशेष महत्व दिया गया है। तुलसी को उसके एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और इम्यून-बूस्टिंग गुणों के लिए जाना जाता है, जबकि अजवाइन में मौजूद था इमोल नामक कंपाउंड एक एंटीसेप्टिक के रूप में कार्य करता है। जब इन दोनों को गर्म पानी में मिलाकर भाप ली जाती है, तो इनके औषधीय वाष्प सीधे श्वसन मार्ग में प्रवेश करते हैं। यह भाप न केवल नाक और गले में जमा बलगम को ढीला करती है, बल्कि संक्रमण फैलाने वाले कीटाणुओं से भी लडऩे में मदद करते है। यह सरल उपाय बिना किसी दवा के साइड इफेक्ट के, सर्दी, सिरदर्द और बंद नाक की परेशानी से मिनटों में राहत दिला सकता है, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है।
भाप लेने का सही तरीका
सर्दी-जुकाम या एलर्जी होने पर ज़्यादातर लोग भाप लेना पसंद करते हैं। घर पर आसान और तुरंत राहत देने वाली यह विधि लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है, लेकिन इसका सही तरीका न अपनाने पर फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है? इसलिए भाप लेने के लिएएक बड़े बर्तन में पानी उबालें, लेकिन बहुत उबाल न करें। उसमें तुलसी के पत्ते (8-10) और एक चम्मच अजवाइन डालें। सिर को तौलिये से ढक कर, भाप को गहराई से अंदर लें। यह प्रक्रिया दिन में 2-3 बार करें और कम से कम 5 मिनट के लिए करें। इस बात का ध्यान रखें एक बार में अधिकतम 10-12 मिनट ही करें। छोटे बच्चों को डॉक्टर की सलाह पर ही भाप दें।
संक्रमण से लडऩे में सहायक
तुलसी के पत्तों में पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण सर्दी-जुकाम के संक्रमण को कम करने में सहायक होते हैं। भाप के जरिए ये गुण सीधे श्वसन प्रणाली में प्रवेश करते हैं और संक्रमण फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों से लड़ते हैं। हवा में मौजूद धूल या प्रदूषण से होने वाली खुजली और गले की खराश कम होती है।
बंद नाक के लिए रामबाण
बंद नाक से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या के कारण नींद में खलल पड़ता है और दिनभर असहजता महसूस होती है। लेकिन आयुर्वेद में बंद नाक को खोलने के कई सरल और प्रभावी उपाय दिए गए हैं, जो आपको तुरंत राहत दिला सकते हैं। बंद नाक खोलने का सबसे पुराना और प्रभावकारी उपाय भाप लेना है। इसके लिए तुलसी और अजवाइन के पानी की गर्म भाप बंद नाक और छाती के कंजेशन को खोलने में तुरंत मदद करती है। अजवाइन में मौजूद थाइमोल वाष्पशील तेल होते हैं, जो सीधे सांस की नलियों तक पहुंचते हैं, जिससे आप सांस लेने में अच्छा महसूस करते हैं।
सिरदर्द और साइनस के दर्द में राहत
सर्दी-जुकाम या बंद नाक के कारण अक्सर सिरदर्द और साइनस का दर्द होने लगता है। तुलसी और अजवाइन के गर्म वाष्प साइनस कैविटी को खोलते हैं और सिर में ब्लड सर्कुलेशन को सुधारते हैं, जिससे सिरदर्द से तुरंत राहत मिलता है।



